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New Delhi : ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता का भव्य उत्सव

New Delhi : देशभर में 31 अक्तूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) मनाया जा रहा है — यह दिन लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का प्रतीक है, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत के एकीकरण की नींव रखी। वर्ष 2025 इस उत्सव को और ऐतिहासिक बना रहा है, क्योंकि यह सरदार पटेल की 150वीं जयंती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्तूबर को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह की शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर ‘रन फॉर यूनिटी’ और ‘एकता मार्च’ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें हजारों छात्र, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक और केंद्रीय बलों के जवान भाग लेंगे।

इस वर्ष का एकता दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि एक वर्षभर चलने वाला राष्ट्रव्यापी महोत्सव होगा। 1 नवंबर से 15 नवंबर तक एकता नगर में ‘भारत पर्व’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लोकनृत्य, और पारंपरिक व्यंजन उत्सव का हिस्सा होंगे। 15 नवंबर को यह पर्व भगवान बिरसा मुंडा जयंती के साथ सम्पन्न होगा, जो भारत की जनजातीय संस्कृति और वीरता को सम्मानित करेगा।

कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण टीम द्वारा एयर शो, राज्यों की झांकियाँ, और 900 कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। विशेष आकर्षण के रूप में बीएसएफ के भारतीय नस्ल के कुत्तों — रैंपुर हाउंड और मुधोल हाउंड — की परेड शामिल होगी, जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाएगी।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में प्रारंभ किया था, सरदार पटेल की उस दृष्टि को आगे बढ़ाता है जिसमें विविधताओं में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक, भाषायी और शैक्षणिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सरदार पटेल न केवल भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक एकता को बनाए रखने के लिए अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) की नींव रखी, जिसे उन्होंने “देश का स्टील फ्रेम” कहा था।

राष्ट्रीय एकता दिवस आज केवल ऐतिहासिक स्मृति नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के लिए प्रेरणा है — यह संदेश देता है कि एकता, विविधता और विकास ही भारत की असली पहचान हैं।

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