राज्यपश्चिम बंगाल

Odisha crime: ओडिशा हाईकोर्ट का सख्त फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को मौत की सजा

Odisha crime: ओडिशा हाईकोर्ट का सख्त फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को मौत की सजा

Related Articles

बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए ओडिशा हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला दो साल पहले हुई उस दिल दहला देने वाली घटना के बाद आया है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने इसे समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाला अपराध बताते हुए ‘दुर्लभतम मामलों’ की श्रेणी में रखा है।

मामला ओडिशा के तटीय क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है, जहां 12 वर्षीय बच्ची अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी तलाश की, लेकिन कुछ समय बाद उसका शव जंगल में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ गंभीर हिंसा और यौन शोषण की पुष्टि हुई, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।

जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसी इलाके में रहने वाले एक मजदूर को हिरासत में लिया। फोरेंसिक जांच, डीएनए रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों ने आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट कर दी। 18 महीने तक चले मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने मजबूत सबूत पेश किए, जिन्हें अदालत ने पूरी तरह स्वीकार किया।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध समाज की नींव को हिला देते हैं और ऐसे मामलों में कठोरतम सजा ही एकमात्र विकल्प है। न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मासूम बच्चों के खिलाफ अपराधों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।

पीड़ित परिवार ने शुरू से ही आरोपी को फांसी देने की मांग की थी। फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और इसे न्याय की जीत बताया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश है।

हालांकि आरोपी को कानून के तहत 30 दिनों के भीतर ऊपरी अदालत में अपील करने का अधिकार है, लेकिन फिलहाल यह फैसला ओडिशा में बच्चों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।

भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button