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World Malaria Day 2026: मिलकर लड़ेंगे तो खत्म होगा मलेरिया, रोकथाम और जनभागीदारी पर जोर

World Malaria Day 2026: मिलकर लड़ेंगे तो खत्म होगा मलेरिया, रोकथाम और जनभागीदारी पर जोर

नई दिल्ली, 24 अप्रैल: विश्व मलेरिया दिवस 2026 के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मलेरिया जैसी जानलेवा लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का आह्वान किया है। इस वर्ष की थीम ‘मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा’ तेज और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच, मच्छर नियंत्रण और जनभागीदारी के जरिए मलेरिया को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। डॉ. जुगल किशोर, प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि मलेरिया आज भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पानी जमा होता है और मच्छरों का प्रकोप अधिक होता है।

उन्होंने कहा कि यदि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज मिलने पर अधिकतर मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं, लेकिन लापरवाही की स्थिति में यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

मलेरिया मुख्य रूप से एनोफिलीस मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि सामान्य संपर्क से इसका संक्रमण नहीं होता। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई दवाओं, बेहतर जांच तकनीकों और वैक्सीन प्रयासों के चलते मलेरिया उन्मूलन अब संभव है, लेकिन इसके लिए सरकार, स्वास्थ्य तंत्र और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। ‘जीरो मलेरिया’ का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब हर स्तर पर जागरूकता और रोकथाम के उपाय अपनाए जाएं।

मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करना, घर के आसपास पानी जमा न होने देना, पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। साथ ही सामुदायिक स्तर पर सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रम भी इस दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।

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