Noida Expressway Project: स्प्रिंकलर सिंचाई योजना के लिए छह एजेंसियां आगे आईं, प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस

Noida Expressway Project: स्प्रिंकलर सिंचाई योजना के लिए छह एजेंसियां आगे आईं, प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हरियाली और वायु प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी स्प्रिंकलर सिंचाई योजना को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। इस परियोजना के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे और डिवाइडर पर लगे पेड़-पौधों में स्वचालित छिड़काव की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए छह एजेंसियां आगे आई हैं और अब उनकी फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक जिस एजेंसी ने सबसे कम रेट दिया होगा, उसी को परियोजना का जिम्मा सौंपा जाएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट में कुल 12 भूमिगत पानी के टैंक बनाए जाएंगे। इन टैंकों से सड़क किनारे और डिवाइडर तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जहां स्प्रिंकलर के जरिए नियमित छिड़काव किया जाएगा। इस योजना को “स्प्रिंकलर सिंचाई योजना” नाम दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-128 अंडरपास तक करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र को चुना गया है। अधिकारियों का कहना है कि काम शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में करीब तीन से चार महीने का समय लगेगा।
नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि यह परियोजना न सिर्फ हरियाली को बनाए रखने में मदद करेगी, बल्कि वायु प्रदूषण नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि छिड़काव के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी में शोधित किया गया पानी होगा। इस परियोजना पर लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार महामाया फ्लाईओवर से ग्रेटर नोएडा की ओर जाते समय 6 टैंक और वापस आने वाले हिस्से में भी 6 टैंक बनाए जाएंगे।
फिलहाल प्राधिकरण ट्रैक्टर और टैंकरों के जरिए कर्मचारियों से एक्सप्रेसवे पर पानी का छिड़काव कराता है। लेकिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। ऐसे में स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी माना जा रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इस महीने के अंत तक परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाए।





