Bogota International Book Fair 2026: भारत का दमदार प्रदर्शन, एआई से लेकर सभ्यता तक छिड़ी वैश्विक चर्चा
नई दिल्ली/बोगोटा, 24 अप्रैल: बोगोटा इंटरनेशनल बुक फेयर 2026 में भारत ने अपनी मजबूत सांस्कृतिक और बौद्धिक उपस्थिति दर्ज कराते हुए वैश्विक मंच पर खास पहचान बनाई है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारतीय पवेलियन चर्चा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा, जहां भारतीय सभ्यता, साहित्य, प्रकाशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विविध विषयों पर गहन विमर्श हुआ।
‘इंडिया स्टेज’ पर आयोजित विभिन्न सत्रों में भारतीय और कोलंबियाई वक्ताओं ने मिलकर ज्ञान, संस्कृति और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा किए। ‘इंडिया ऑन द मूव’ सत्र में वेद, योग और ध्यान की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय परंपराएं आज भी विश्व स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
‘सतत प्रकाशन’ विषय पर हुए सत्र में कॉपीराइट, डिजिटल और प्रिंट के संतुलन पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं ‘डिजिटल टाइम में साहित्य’ पर वक्ताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेखन और प्रकाशन की प्रक्रिया को तेज जरूर कर सकता है, लेकिन यह मानवीय अनुभव और संवेदनशीलता का विकल्प नहीं बन सकता।
21वीं सदी के प्रकाशन उद्योग पर चर्चा करते हुए यह तथ्य सामने आया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिशिंग बाजार है, जहां आज भी 80 प्रतिशत से अधिक सामग्री प्रिंट फॉर्म में प्रकाशित होती है। एआई और रचनात्मकता पर केंद्रित सत्र में विशेषज्ञों ने मानव की मौलिकता और सृजनात्मकता को सर्वोपरि बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद मराठे ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन पर प्रकाश डालते हुए युवा, गरीब, महिला और किसान को इसके चार प्रमुख स्तंभ बताया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक हिस्से में ओडिसी और कथक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय फिल्मों दंगल और जब वी मेट के प्रदर्शन ने विदेशी दर्शकों को भारतीय संस्कृति और मनोरंजन से रूबरू कराया।
कुल मिलाकर, इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक ताकत और तकनीकी सोच को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर और भी मजबूत होती नजर आई।





