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उत्तर प्रदेश, नोएडा: पेड़ों की छटाई न होने से 100 से अधिक स्थानों पर अंधेरा

उत्तर प्रदेश, नोएडा: पेड़ों की छटाई न होने से 100 से अधिक स्थानों पर अंधेरा

अमर सैनी

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उत्तर प्रदेश, नोएडा। शहर में लंबे समय से पेड़ों की छंटाई न होने से सेक्टरों के लोग परेशान हैं। घने पेड़ों की वजह से स्ट्रीट लाइट की रोशनी सड़क तक नहीं पहुंच पा रही है। शाम होते ही सेक्टरों और प्रमुख मार्गों पर अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण कोहरे से जहां सड़कों पर हादसों का डर बना हैं, वहीं इलाके में अपराध की आशंका बनी हुई है। पेड़ों की छंटाई न होने से 100 से अधिक स्थानों पर अंधेरा पसरने के साथ ही सुंदरता को भी ग्रहण लग रहा है। ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, सेक्टर-36, म्यू समेत कई अन्य सेक्टरों में सड़क किनारे पेड़ लगाए गए हैं। यह पेड़ इतने बड़े हो चुके हैं कि इनकी शाखाएं सड़कों तक आ गई और पत्तियों से स्ट्रीट लाइट तक ढंक चुकी हैं। दिन में किसी तरह वाहन चालक बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय हादसे का डर बना रहता है। पेड़ों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह हालत शहर के हर सेक्टर और मुख्य मार्ग में देखने को मिल रही है, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हरियाली के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है। हालात कुछ यूं हैं कि कई जगहों पर रखरखाव न होने से काफी संख्या में पेड़ तक सूख गए। पार्कों तक में झाड़ियां उगी हुई हैं। बीते दिनों ही बीटा-एक की कई महिलाओं ने प्राधिकरण पहुंचकर इसे लेकर शिकायत की थी, लेकिन अब तक धरातल पर पार्कों से झाड़ियां साफ करने या सड़कों पर पेड़ों की छंटाई का कार्य शुरू नहीं हो सका है।

शहर की सुंदरता को ग्रहण लग रहा

पेड़ों की शाखाओं की छंटाई न होने से शहर की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है। ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर मार्ग और एक्सप्रेसवे के आसपास कई सड़कों पर रंग-बिरंगी लाइट लगी हुई हैं, जो शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए लगवाई गई थी। वहीं, चौराहों पर मूर्तिकला और अन्य सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, लेकिन यहां पेड़ों की शाखाओं की छंटाई न होने से यह सुंदरता धूमिल हो रही है। शाखाओं के बड़ा होने से रंग-बिरंगी लाइट प्रकाश मुश्किल से दिखाई पड़ रहा है।

कोहरे में हादसे का खतरा बढ़ा

दरअसल, सर्दियों में घने कोहरे से बचने के लिए सड़क पर रोशनी की आवश्यकता होती है। सड़क किनारे लगीं लाइट देखकर ही वाहन चालकों को सड़क पर चलने का आभास हो होता हैं। वहीं, रोशनी होने के कारण सामने भी चीजें आसानी से दिखाई दे जाती हैं, लेकिन शाखाओं से ढंकी लाइट के कारण सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है। सेक्टरों में साइकिल या पैदल चल रहे लोग भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। वहीं, मुख्य मार्ग पर हालात और ज्यादा खराब है।

शहर में डार्क जोन का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। जहां पेड़ या अन्य किसी बाधा से रोशनी नहीं पहुंच पा रही है, उसे ठीक कराया जाएगा। डार्क जोन वाले इलाकों में प्रकाश की उत्तम व्यवस्था कराई जाएगी।

– प्रेरणा सिंह, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

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