Women Bone Health: महिलाएं हड्डियों के दर्द को न करें नजरअंदाज, नियमित जांच और पोषण जरूरी

Women Bone Health: महिलाएं हड्डियों के दर्द को न करें नजरअंदाज, नियमित जांच और पोषण जरूरी
नई दिल्ली, 05 नवम्बर: सर्दियों में अक्सर बुजुर्ग और विशेषकर महिलाएं कमर और जोड़ों के दर्द से परेशान रहती हैं। कई बार इसे उम्र बढ़ने या गठिया का सामान्य दर्द समझकर अनदेखा किया जाता है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेना जरूरी है। हड्डियों में दर्द अनदेखा करने पर यह गंभीर समस्याओं जैसे ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का कारण बन सकता है।
एम्स दिल्ली के अस्थि रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. भावुक गर्ग के अनुसार सर्दियों में हड्डियों के दर्द में इजाफा हो सकता है। ठंड के कारण रक्त संचार धीमा पड़ जाता है और जोड़ों में अकड़न आती है, जिससे दर्द और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कम धूप और शारीरिक गतिविधि के अभाव के कारण विटामिन डी की कमी होती है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
सर्दियों में हड्डियों की कमजोरी को रोकने के लिए महिलाओं को ध्यान देना चाहिए कि उनका आहार विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर हो। युवावस्था से ही संतुलित आहार, पर्याप्त धूप और नियमित व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
हड्डियों में दर्द की स्थिति में क्या करें:
महिलाओं को नियमित मेडिकल चेकअप कराना चाहिए। हड्डी रोगों की पहचान के लिए CBC, KFT, यूरिक एसिड, TSH, HbA1c, B12, PTH, विटामिन डी और CRP टेस्ट कराना जरूरी है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं को हर दो वर्ष में कूल्हे और रीढ़ की हड्डी का डेक्सा स्कैन कराना चाहिए। ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थिति में आधुनिक दवाइयां प्रभावी हैं और समय पर इलाज से हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है।
हार्मोनल बदलाव और महिलाओं में हड्डियों का स्वास्थ्य:
महिलाओं में पुरुषों की तुलना में मांसपेशियों की मात्रा कम होती है, जिसका मुख्य कारण हार्मोनल अंतर है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, जिससे मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती प्रभावित होती है।
ऑस्टियोपोरोसिस और बचाव:
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों का रोग है, जिससे हड्डियां कमजोर और खोखली हो जाती हैं। हल्के दबाव या गिरने से भी हड्डियों में दरार या फ्रैक्चर हो सकता है।
रोकथाम के उपाय:
- धूप में समय बिताएं ताकि विटामिन डी मिल सके।
- नियमित व्यायाम करें, जैसे टहलना, योग या हल्का स्ट्रेचिंग।
- कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर आहार लें, जैसे दूध, दही, पत्तेदार सब्जियां और मछली।
- गर्म पानी से स्नान या पैरों को गुनगुने पानी में रखना दर्द में राहत दे सकता है।
- लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से परामर्श लें और आवश्यक दवाइयां लें।
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