सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश

अमर सैनी

नोएडा। थाना सेक्टर-63 में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर लोगों को ठग रहा था। इस गिरोह का संचालन एक कॉल सेंटर से किया जा रहा था, जहां से देशभर में लोगों को फंसाया जा रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुरूषोत्तम, अमर, दीपक कुमार, प्रमोद और एकता के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लग्जरी कारें, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

सेक्टर-63 थाना प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह के बारे में जानकारी तब मिली, जब तेलंगाना और गुजरात के दो व्यक्तियों ने ईमेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों में आरोप था कि उन्हें ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर दस लाख से अधिक का चूना लगाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने खोड़ा के नाम पर एक एड्रेस पंजीकृत करा रखा था और सेक्टर-63 में अपना फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। साथ ही आरोपी बिना किसी वैध प्रमाणपत्र के ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर बेचने का दावा कर रहे थे। उनके पास न तो आईएसओ सर्टिफिकेट था और न ही भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) का रजिस्ट्रेशन। इस प्रकार का सॉफ्टवेयर बेचना बिना इन आवश्यक दस्तावेजों के पूरी तरह अवैध है।

“एडवांस” सॉफ्टवेयर का झांसा देते थे
आरोपी पहले लोगों को सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए आकर्षित करते थे। उनसे शुरुआती तौर पर एक लाख रुपये की मांग करते थे। जब खरीदार को घाटा होता तो आरोपी उसे एक और “एडवांस” सॉफ्टवेयर का झांसा देते थे। जिसके लिए वे दोबारा एक लाख से लेकर दस लाख रुपये तक की मांग करते थे। ठगी के बाद आरोपी उस नंबर को बंद कर देते थे, जिससे वे संपर्क करते थे। जिससे पीड़ित उनसे दोबारा संपर्क न कर सके।

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