Social Security: 101 करोड़ लोगों तक पहुंची सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
नई दिल्ली, 30 जुलाई। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि पिछले 12 वर्षों में देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा है। सरकार के अनुसार, 2014 से पहले जहां करीब 19 करोड़ यानी 29 प्रतिशत लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 101 करोड़ यानी 68 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
सरकार का कहना है कि तकनीक, कौशल विकास और रोजगार सृजन को जोड़ने वाली नीतियों के कारण युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ी है। साथ ही, उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार ने गिग वर्कर्स को पहली बार कानूनी पहचान देने और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा का रास्ता तैयार करने को भी महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सरकार के मुताबिक, नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल से 53 लाख से अधिक नियोक्ता और कंपनियां जुड़ी हैं। पोर्टल पर वर्तमान में 12 लाख से ज्यादा नौकरियां उपलब्ध हैं। युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने के लिए जरूरत के हिसाब से 15 दिन से लेकर तीन महीने तक का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि लेबर कोड में पहली बार गिग वर्कर्स को कानूनी दर्जा दिया गया है। नीति आयोग के अनुमान के अनुसार देश में करीब 80 लाख गिग वर्कर्स हैं, जिनमें से लगभग 10 लाख ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।
सरकार का कहना है कि लेबर कोड के प्रावधान लागू होने के बाद गिग वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। सरकार के अनुसार, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा को एक साथ जोड़ने से देश के श्रम बाजार को अधिक समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।


