Samudra Pradakshina: 314 दिन की विश्व समुद्री यात्रा पूरी करने वाली तीनों सेनाओं की महिला टीम सम्मानित

Samudra Pradakshina: 314 दिन की विश्व समुद्री यात्रा पूरी करने वाली तीनों सेनाओं की महिला टीम सम्मानित
नई दिल्ली, 30 जुलाई। भारतीय सेना के नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों ने 314 दिनों में करीब 25,500 नॉटिकल मील की ऐतिहासिक विश्व समुद्री परिक्रमा पूरी कर देश का गौरव बढ़ाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टीम को सम्मानित किया और अभियान को नारी शक्ति तथा त्रि-सेवा संयुक्तता का अद्वितीय उदाहरण बताया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि समुद्र प्रदक्षिणा अभियान ने यह साबित किया है कि साहस, नेतृत्व और दृढ़ संकल्प का कोई लिंग नहीं होता। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों की यह उपलब्धि देश की हर बेटी को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
यह अभियान भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयास का प्रतीक बना। यात्रा के दौरान टीम ने चार महासागरों को पार किया। इस दौरान भूमध्य रेखा को दो बार पार करने के साथ अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को भी लांघा गया। टीम ने दुनिया के तीन सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री केप—केप हॉर्न, केप ऑफ गुड होप और केप लीविन—को भी सफलतापूर्वक पार किया।
इस अभियान के जरिए भारत की स्वदेशी क्षमता, सैन्य कौशल और समुद्री कूटनीति का भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। लंबी और चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा के दौरान महिला अधिकारियों ने टीमवर्क, नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया।
क्या है अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा?
अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा प्रशांत महासागर के बीचों-बीच लगभग 180 डिग्री देशांतर के आसपास स्थित एक काल्पनिक रेखा है, जो दो अलग-अलग कैलेंडर तिथियों को अलग करती है। इसे पार करने पर कैलेंडर की तारीख में बदलाव होता है। सामान्य रूप से पश्चिम की ओर पार करने पर एक दिन बढ़ता है, जबकि पूर्व की ओर जाने पर एक दिन घटता है।




