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Noida Crime: चिपियाना बुजुर्ग हत्याकांड में पत्नी और चचेरे भाई को उम्रकैद की सजा

Noida Crime: चिपियाना बुजुर्ग हत्याकांड में पत्नी और चचेरे भाई को उम्रकैद की सजा

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र के ग्राम चिपियाना बुजुर्ग में हुए भयानक हत्याकांड में न्यायालय ने आखिरकार फैसला सुनाया है। वर्ष 2014 में घर के आंगन में मृतक राजकुमार का शव नीम के पेड़ से लटका मिला था। इस हत्या के मामले में मृतक की पत्नी कमला और उसके चचेरे भाई पुष्पेंद्र उर्फ पुस्सु को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो छह-छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

एडीजीसी क्राइम नितिन कुमार त्यागी ने बताया कि शुरू में यह मामला आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह एक पूर्वनियोजित हत्या थी।

अभियोजन के अनुसार, मृतक के भाई अमरपाल ने 17 जून 2014 को पुलिस में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया कि कमला और पुष्पेंद्र के बीच अवैध संबंध थे, जिसके कारण पति-पत्नी में अक्सर विवाद होते रहते थे। घटना की रात 15-16 जून 2014 को अमरपाल अपने निर्माणाधीन मकान में था, जो मृतक के घर के पास ही स्थित था। उसने देखा कि राजकुमार के घर जोरदार झगड़ा और मारपीट हो रही थी। उसने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उसे धक्का देकर भगा दिया गया।

अगली सुबह ग्रामीणों ने आंगन में लटके मृतक का शव देखा। परिवार ने हत्या की आशंका जताई और मुकदमा दर्ज कराया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य स्पष्ट हैं। रात में मृतक के घर केवल कमला और पुष्पेंद्र मौजूद थे। गवाहों ने झगड़े की पुष्टि की। घर के अंदर किसी और के प्रवेश का कोई प्रमाण नहीं मिला। शव पर चोट के निशान संघर्ष का प्रमाण थे।

अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों ने अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। घर के भीतर हुई मारपीट से बेखबर होने का दावा अस्वाभाविक था। इन सभी कारणों के आधार पर अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह मामला “रेयर ऑफ द रेयरेस्ट” श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास उचित है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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