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Bone Cancer: बोन कैंसर पीड़िता को कैंसर से मिली निजात, पैर काटे बिना बचाई जिंदगी

Bone Cancer: बोन कैंसर पीड़िता को कैंसर से मिली निजात, पैर काटे बिना बचाई जिंदगी

नई दिल्ली, 6 फरवरी: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला के डॉक्टरों ने 11 वर्षीय बच्ची को अंतिम चरण के बोन कैंसर से निजात दिलाने में सफलता हासिल की है। यह कैंसर केवल उसके दाएं पैर की हड्डियों को प्रभावित नहीं कर रहा था, बल्कि दोनों फेफड़ों तक फैल चुका था। मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग कर बच्ची को जीवनभर दिव्यांग होने से भी बचाया।

सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अर्चित पंडित के अनुसार, कैंसर चुपचाप हड्डियों से फेफड़ों तक फैल गया था। उपचार के दौरान बच्ची ने कीमोथेरेपी के साथ अलग-अलग चरणों में लंग सर्जरी भी करवाई। बोन सर्जरी के कुछ महीनों बाद बाएं फेफड़े की मेटास्टेसेक्टॉमी की गई और इसके बाद दाएं फेफड़े की भी इसी प्रक्रिया से सफाई की गई, जिसमें कई स्थानों से ट्यूमर हटाया गया।

फोर्टिस आने से पहले परिजनों को बताया गया था कि मरीज की जीवनरक्षा का एकमात्र तरीका पैर काटना है। लेकिन फोर्टिस की टीम ने लिंब कंजर्वेशन सर्जरी कर पैर बचाते हुए बच्ची को कैंसर से राहत दिलाई। डॉ. पंडित ने बताया कि जब बच्ची को अस्पताल लाया गया, वह चलने में असमर्थ थी और उसका बचपन दर्द, बार-बार अस्पताल आने और डर में बीत रहा था। वह व्हीलचेयर और बैसाखियों पर निर्भर थी।

अब बच्ची ने कैंसर को मात दी है और पैर भी सुरक्षित है। इस सफलता ने न केवल मरीज और उसके परिवार के लिए खुशियों की बौछार की है, बल्कि यह फोर्टिस हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम की उच्च स्तरीय चिकित्सा क्षमता का भी प्रतीक है।

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