
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास यूनिटी वन मॉल में आयोजित दो दिवसीय ‘मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) मेला-2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह मेला आयोजित किया गया है, जिससे महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों को बाजार से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की महिलाएं घरों में रहकर छोटे उद्योगों और हस्तनिर्मित उत्पादों के जरिए न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प, खादी और घरेलू उत्पाद गुणवत्ता के मामले में किसी विदेशी ब्रांड से कम नहीं हैं। जरूरत केवल बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग की है। उन्होंने लोगों से विदेशी वस्तुओं के बजाय स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार चाहती है कि राजधानी की हर महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़े, अपना उत्पाद तैयार करे और उसे बाजार तक पहुंचाए। इसके लिए सरकार बैंकों के माध्यम से महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है। मेले में विभिन्न बैंकिंग संस्थानों को भी शामिल किया गया, ताकि महिलाओं की वित्तीय पहुंच मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के आह्वान के तहत दिल्ली सरकार भी ‘मंडे मेट्रो’ और ‘नो व्हीकल डे’ जैसे अभियानों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि लोगों की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
दो दिवसीय इस मेगा मेले में करीब 24 स्वयं सहायता समूहों ने हिस्सा लिया। मेले में हस्तशिल्प, क्रोशिया कार्य, खादी, घरेलू उत्पाद, खाद्य सामग्री और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री की गई। उत्तर पश्चिम जिले के ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के तहत हस्तशिल्प उत्पादों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े जिला प्रशासन और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।





