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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में दो नाइजीरियाई नागरिक ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए करते थे सप्लाई

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में दो नाइजीरियाई नागरिक ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए करते थे सप्लाई

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इकोटेक-1 कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नाइजीरिया के दो नागरिकों को प्रतिबंधित मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से क्रिस्टल एमडीएमए और मेथामफेटामाइन श्रेणी के ड्रग्स, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू तथा एक स्कूटी बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी पिछले कई वर्षों से ऑनलाइन माध्यम से ग्राहकों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने का काम कर रहे थे। डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस टीम क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। चेकिंग के दौरान औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्मशान भूमि कट के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 39.27 ग्राम क्रिस्टल एमडीएमए और मेथामफेटामाइन श्रेणी के प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुए। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू भी बरामद किया, जिसका उपयोग कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तौल के लिए किया जाता था। इसके अलावा दिल्ली नंबर की एक स्कूटी भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल सप्लाई नेटवर्क में किए जाने की आशंका है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय एंथोनी चिनवुबा उर्फ डेविड और 30 वर्षीय एमोस मूसा उर्फ लकी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से नाइजीरिया की राजधानी अबुजा के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार एंथोनी चिनवुबा बिसरख थाना क्षेत्र स्थित एक आवासीय सोसाइटी में रह रहा था, जबकि एमोस मूसा नॉलेज पार्क-3 क्षेत्र की एक सोसाइटी में निवास कर रहा था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि दोनों आरोपी वर्ष 2018 में छात्र वीजा पर भारत आए थे। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थे। वे कथित रूप से सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे और मांग मिलने पर ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों का नेटवर्क ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में फैला हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से दिल्ली से मादक पदार्थ खरीदकर लाते थे और फिर उन्हें ऊंची कीमत पर बेचते थे। पुलिस अब इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही विदेशियों और आप्रवास संबंधी नियमों के तहत भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों के दस्तावेजों और भारत में उनके निवास संबंधी विवरणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे, वे किन क्षेत्रों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे तथा इस नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। इसके अलावा उनके आपराधिक इतिहास और पूर्व गतिविधियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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