हिमाचल प्रदेश

Himachal Government Policy: गरीब एवं भूमिहीन लोगों के अतिक्रमण मामलों में राहत के लिए नई नीति बनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

Himachal Government Policy: गरीब एवं भूमिहीन लोगों के अतिक्रमण मामलों में राहत के लिए नई नीति बनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

शिमला/हमीरपुर, 15 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकारी भूमि पर कई वर्षों से रह रहे गरीब और भूमिहीन परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार नई नीति बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है और कानूनी पहलुओं की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री बुधवार को हमीरपुर में लगभग 19.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नगर निगम कार्यालय भवन का शिलान्यास करने तथा करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित दुकानों और ग्रामीण हाट का उद्घाटन करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हमीरपुर शहर के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं तथा सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और प्रोफेसरों की भर्ती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के लोगों को एम्स और पीजीआई जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं हिमाचल में ही उपलब्ध हों, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर राज्य सरकार 125 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके साथ ही आम मरीजों को कम खर्च में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, जिससे प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की स्थापना उनकी पहल पर तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद के कार्यकाल में स्वीकृत हुई थी। वर्तमान सरकार इस परियोजना के लिए अब तक लगभग 500 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जोल सप्पड़ स्थित नए परिसर में मेडिकल कॉलेज का संचालन जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

हिमकेयर योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस योजना को बंद नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि योजना के नाम पर यदि किसी प्रकार का घोटाला हुआ है तो उसकी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सीबीएसई पैटर्न वाले सरकारी स्कूल शुरू होने के बाद प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लगभग 24 हजार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, जिससे योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं और वाइल्ड फ्लॉवर हॉल जैसे महत्वपूर्ण मामलों में राज्य सरकार ने मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के हित सुरक्षित हुए हैं और राज्य को अरबों रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

हमीरपुर शहर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम में हाल ही में शामिल किए गए नए क्षेत्रों के निवासियों को पांच वर्षों तक विभिन्न करों में छूट दी जाएगी। इसके अलावा हमीरपुर में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का सबसे बड़ा आधुनिक बस अड्डा बनाया जा रहा है। वर्तमान बस अड्डे की जगह लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिटी सेंटर विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सिटी सेंटर में आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मनोरंजन सुविधाएं, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही वर्तमान बस अड्डे के आसपास कारोबार कर रहे व्यापारियों को भी इस सिटी सेंटर अथवा अन्य उपयुक्त स्थानों पर समायोजित किया जाएगा, ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर को प्रशासनिक और विकास की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों के पांच राज्य स्तरीय कार्यालय पहले ही यहां स्थापित किए जा चुके हैं तथा कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने हमीरपुर में दशहरा उत्सव और अन्य बड़े आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थल विकसित करने की घोषणा भी की। इसके अलावा शहर में रेहड़ी-पटरी और फेरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ-साथ गरीब, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना है।

कार्यक्रम में विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ओबीसी आयोग के सदस्य राजीव राणा, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुमन भारती सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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