YEIDA Board Meeting: YEIDA की 91वीं बोर्ड बैठक में इंडस्ट्रियल नोड, इंटरनेशनल ट्रेड सिटी और मेडिकल रिसर्च हब समेत कई बड़े प्रस्तावों को मिली मंजूरी

YEIDA Board Meeting: YEIDA की 91वीं बोर्ड बैठक में इंडस्ट्रियल नोड, इंटरनेशनल ट्रेड सिटी और मेडिकल रिसर्च हब समेत कई बड़े प्रस्तावों को मिली मंजूरी
नोएडा, 15 जुलाई। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 91वीं बोर्ड बैठक बुधवार को अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचा, निवेश, शहरी सुविधाओं, सार्वजनिक परिवहन, अग्नि सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति, विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति तथा भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई बड़े फैसले लिए गए, जिन्हें यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में अहम माना जा रहा है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की वित्तीय स्थिति भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून 2026 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां 1,371.75 करोड़ रुपये रही हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 114.33 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं इस अवधि में कुल 2,101.96 करोड़ रुपये का व्यय किया गया, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा 1,741.40 करोड़ रुपये भूमि क्रय पर खर्च किया गया। इसके अलावा औद्योगिक और मिश्रित उपयोग के भूखंडों के आवंटन से 660.14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिससे क्षेत्र में निवेश गतिविधियों में तेजी का संकेत मिलता है।
बोर्ड बैठक में हाई-राइज भवनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 50 करोड़ रुपये जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग आधुनिक अग्निशमन संसाधनों, उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा, जिससे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सके।
औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने में 63 औद्योगिक इकाइयों को लीज डीड जारी की गई, जबकि 118 इकाइयों को भूखंडों का कब्जा सौंपा गया। इसी अवधि में 62 भवन मानचित्र स्वीकृत किए गए, 84 औद्योगिक इकाइयों ने निर्माण कार्य शुरू किया और 15 इकाइयों को किरायेदारी की अनुमति दी गई। इसके अलावा 12 इकाइयों का फैक्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण भी कराया गया, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से विस्तार का संकेत मिलता है।
बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र को एक आधुनिक इंडस्ट्रियल नोड के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने से निवेश आकर्षित होगा, निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना भविष्य में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इसके साथ ही चीन की प्रसिद्ध Yiwu International Trade City की तर्ज पर YEIDA इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्तुतीकरण भी बोर्ड के समक्ष रखा गया। प्रस्तावित ट्रेड सिटी का उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देना, निर्यातकों और व्यापारियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ग्राम भनौरी के पास YIAPL को लगभग 200 मीटर भूमि किराये पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। अधिकारियों के अनुसार इससे क्षेत्र में कचरा प्रबंधन प्रणाली अधिक प्रभावी होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बैठक में एनटीपीसी द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक और डीजल बस सेवाओं की समीक्षा की गई। बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा, बसों की उपलब्धता और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाए ताकि आम लोगों को सुरक्षित, सुलभ और बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बोर्ड ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को सेक्टर-9 में 30 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस भूमि पर अत्याधुनिक एडवांस्ड मेडिकल रिसर्च फैसिलिटी स्थापित की जाएगी, जहां चिकित्सा अनुसंधान, नई स्वास्थ्य तकनीकों के विकास और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी, बल्कि चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी।
बैठक में विभिन्न सेक्टरों में मास्टर प्लान के तहत सड़कों के निर्माण के लिए भूमि क्रय, व्यावसायिक होटल योजनाओं के नियमों में संशोधन, लिगेसी रियल एस्टेट परियोजनाओं की समीक्षा तथा अन्य विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण और प्रभावित किसानों को प्रतिकर वितरण से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बोर्ड बैठक में लिए गए इन निर्णयों को यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने, आधुनिक आधारभूत ढांचे का विस्तार करने, स्वास्थ्य एवं व्यापारिक सुविधाओं को मजबूत बनाने और क्षेत्र को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




