Chamoli Development Projects: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली को ₹155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं की सौगात दी, 36 का शिलान्यास और 27 का लोकार्पण किया
चमोली, 15 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली जनपद के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल ₹155.36 करोड़ की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़े के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ₹113.99 करोड़ की लागत वाली 36 योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹41.37 करोड़ की 27 योजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन, पशुपालन, खेल और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में भी समान रूप से विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है, ताकि लोगों को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड का अत्यंत महत्वपूर्ण जनपद है। बदरीनाथ धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों, सीमावर्ती क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों के कारण इसकी विशेष पहचान है। सरकार इस पूरे क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और पर्यटन के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
शिलान्यास की गई प्रमुख परियोजनाओं में जोशीमठ-नीति मार्ग के जुग्जू में ₹4.34 करोड़ की लागत से स्टील ट्रस पुल, लंगसी-द्वींग-तपोवन-लांजी-पोखनी मोटर मार्ग पर ₹9.62 करोड़ की लागत से 78 मीटर लंबा लौह सेतु, मैहलचौरी-सिलंगना घनियाली मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण, चांदनीखाल-रड़वा-काण्डई-रेंसू मोटर मार्ग का विस्तार, विशालखाल-देवीखेत-बांमेश्वर मोटर मार्ग, नन्दानगर क्षेत्र की 13 पर्वतीय नहरों के पुनरोद्धार सहित कई सड़क और सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का भी शिलान्यास किया। साथ ही डायट गौचर के अनुरक्षण, मॉडल राजकीय पशु चिकित्सालय नन्दप्रयाग, पशु चिकित्सालय तलवाड़ी, सेम-तोप में सामुदायिक भवन एवं पार्किंग, राजकीय इंटर कॉलेज उज्ज्वलपुर के भवन, नन्दानगर पार्किंग, गोगनापानी-भडूड़ा मोटर मार्ग, गोपेश्वर-पोखरी-बछेर मोटर मार्ग, विभिन्न स्टील गर्डर पुलों, नौटी-चौण्डली-ल्यूथा मार्ग, हरनीचक-मुन्दोली मार्ग, थराली-घाट मार्ग, लौहाजंग-वॉक मार्ग तथा तेलाण क्षेत्र में पुल निर्माण जैसी अनेक परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने जिन 27 योजनाओं का लोकार्पण किया, उनमें गैरसैंण मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण, सेमी-मासों मोटर मार्ग, हापला-गुड़म-नैल-नौली मोटर मार्ग, नंदासैंण-मालई मोटर मार्ग का डामरीकरण, पोखरी और जिला चिकित्सालय चमोली में डीआईपीएचएल भवन, विभिन्न विद्यालयों में पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं और आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, बैरागना ट्राउट इंडोर हैचरी, गोपेश्वर स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो कोर्ट वाला बैडमिंटन हॉल, कल्पेश्वर पाथवे एवं आर्क ब्रिज, पाण्डुकेश्वर बहुउद्देशीय सहकारी समिति भवन तथा कई मोटर मार्गों के उन्नयन कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से चमोली जिले में सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक संसाधनों से सशक्त बनाया जाएगा, खेल सुविधाओं का विस्तार होगा और मत्स्य पालन तथा पशुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास और रोजगार को साथ लेकर आगे बढ़ना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए धार्मिक स्थलों, ट्रैकिंग रूट, सड़क संपर्क और अन्य पर्यटन सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


