Himachal Infrastructure: हिमाचल में जीप और एम्बुलेंस संपर्क सड़कों के लिए पहली बार बने वैज्ञानिक मानक, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
Himachal Infrastructure: हिमाचल में जीप और एम्बुलेंस संपर्क सड़कों के लिए पहली बार बने वैज्ञानिक मानक, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
शिमला, 4 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में जीप योग्य एवं एम्बुलेंस संपर्क सड़कों के डिजाइन, निर्माण, प्रमाणन और रखरखाव के लिए व्यापक दिशा-निर्देश अधिसूचित कर दिए हैं। सरकार के अनुसार यह देश में अपनी तरह की पहली व्यापक व्यवस्था है, जिसके माध्यम से इन सड़कों की योजना, निर्माण, प्रमाणन और रखरखाव के लिए वैज्ञानिक एवं एकरूप प्रणाली लागू की जाएगी।
नई नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूर-दराज और दुर्गम गांवों तक सुरक्षित एवं विश्वसनीय सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। इन संपर्क मार्गों का उपयोग जीप, एम्बुलेंस तथा अन्य हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजारों और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में सड़क की चौड़ाई, सड़क की सतह, जल निकासी व्यवस्था, रिटेनिंग एवं ब्रेस्ट वॉल, ढलानों की सुरक्षा, सड़क सुरक्षा उपायों तथा नियमित रखरखाव से जुड़े स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य इन सड़कों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाना है।
सरकार ने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश के कई हिस्सों में जीप योग्य सड़कें एक समान इंजीनियरिंग मानकों के बिना बनाई गई थीं, जिसके कारण कई मार्गों पर सुरक्षा सुविधाओं का अभाव रहा और उन्हें व्यवस्थित रखरखाव प्रणाली में शामिल नहीं किया जा सका। नई अधिसूचित नीति के तहत ऐसी सभी मौजूदा सड़कों का निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उनका उन्नयन किया जाएगा और निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद उनका प्रमाणन किया जाएगा। प्रमाणित होने के बाद इन सड़कों को राज्य की नियमित रखरखाव व्यवस्था में भी शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विशेष रूप से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सड़क यात्रा को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है, ताकि दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए मजबूत सड़क संपर्क अत्यंत आवश्यक है। बेहतर सड़कें स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजारों और आपातकालीन सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाती हैं। इसके साथ ही पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए दिशा-निर्देश हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित, व्यवस्थित और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा दूरस्थ बस्तियों तक भी विश्वसनीय संपर्क सुविधा सुनिश्चित करेंगे।





