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Government Schemes: स्कॉलरशिप और सरकारी सहायता से बदली तीन युवाओं की जिंदगी, किसी ने खड़ा किया कारोबार तो किसी ने हासिल की आईआईएम की डिग्री

Government Schemes: स्कॉलरशिप और सरकारी सहायता से बदली तीन युवाओं की जिंदगी, किसी ने खड़ा किया कारोबार तो किसी ने हासिल की आईआईएम की डिग्री

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं के लिए सफलता की नई राह खोल रही हैं। शिक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की मदद से कई युवाओं ने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण बने हैं। सरकार ने ऐसे ही तीन युवाओं की सफलता की कहानियां साझा की हैं, जिनकी जिंदगी सरकारी आर्थिक सहायता से पूरी तरह बदल गई।

गुजरात के गौतम मकवाना को अनुसूचित जाति उद्यमियों के लिए संचालित वेंचर कैपिटल फंड (VCF-SC) के तहत 4.46 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस सहायता से उन्होंने अपनी निजी कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाई, कारोबार का विस्तार किया और नए रोजगार के अवसर भी पैदा किए। सरकार का कहना है कि यह योजना अनुसूचित जाति के उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र मृत्युंजय सिंह ने टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत दो वर्षों में 15.51 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त कर आईआईएम सिरमौर से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह एक प्रतिष्ठित कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें उच्च शिक्षा पूरी करने में बड़ी मदद मिली।

एक अन्य छात्र राजन कुमार ने प्रधानमंत्री यशस्वी योजना के तहत 15.51 लाख रुपये की सहायता प्राप्त कर एमबीए की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने कैट परीक्षा में 99.5 पर्सेंटाइल हासिल किया और पढ़ाई के दौरान लीन सिक्स सिग्मा ग्रीन बेल्ट प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि उचित आर्थिक सहयोग मिलने पर प्रतिभाशाली युवा अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर सकते हैं।

सरकार के अनुसार इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को शिक्षा, उद्यमिता और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना तथा सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।

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