AIIMS Surgery: वरिष्ठ हार्ट सर्जनों के जाने के बावजूद एम्स ने बढ़ाई सर्जरी की रफ्तार, एक साल में 4,100 ऑपरेशन पूरे

AIIMS Surgery: वरिष्ठ हार्ट सर्जनों के जाने के बावजूद एम्स ने बढ़ाई सर्जरी की रफ्तार, एक साल में 4,100 ऑपरेशन पूरे
नई दिल्ली। एम्स दिल्ली के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और वरिष्ठ हार्ट सर्जनों के संस्थान छोड़ने के बावजूद हार्ट सर्जरी की गति बनाए रखी है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 4,100 हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कीं, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 100 अधिक हैं। यह उपलब्धि सीमित संसाधनों के बावजूद विभाग की कार्यक्षमता को दर्शाती है।
सीटीवीएस विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. वेलायुदम देवागौरौ ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभाग के कई वरिष्ठ सर्जन सेवानिवृत्त हुए या अन्य संस्थानों में चले गए। इससे मानव संसाधनों पर दबाव जरूर बढ़ा, लेकिन विभाग ने मरीजों की सर्जरी प्रभावित नहीं होने दी और लगातार उच्च स्तर पर सेवाएं जारी रखीं।
उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में एक आईसीयू और चार ऑपरेशन थिएटर मेंटेनेंस के कारण अस्थायी रूप से बंद रहे, जिससे कुछ समय के लिए सर्जरी की रफ्तार प्रभावित हुई। मेंटेनेंस पूरा होने के बाद विभाग ने फिर से पूरी क्षमता के साथ काम शुरू कर दिया।
एम्स का सीटीवीएस विभाग देशभर से आने वाले मरीजों के लिए प्रमुख रेफरल केंद्र माना जाता है। यहां जन्मजात हृदय रोग, कोरोनरी आर्टरी बाईपास, हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट, एओर्टिक सर्जरी सहित कई जटिल कार्डियोथोरेसिक ऑपरेशन किए जाते हैं। इसके साथ ही विभाग सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण और चिकित्सा अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने और आधुनिक संसाधनों के विस्तार से मरीजों को और अधिक तेज तथा बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।




