Delhi Ease of Doing Business Bill 2026: उद्योग जगत ने किया स्वागत, बोले- निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रस्तावित ‘दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल-2026’ को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। पूर्वी दिल्ली के विभिन्न औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों ने इस विधेयक का स्वागत करते हुए इसे व्यापार और उद्योगों के लिए बड़ा सुधार बताया है। उनका कहना है कि यह कानून उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर निवेश, उत्पादन और रोजगार को नई गति देगा।
भाजपा के शाहदरा जिला प्रभारी एवं दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. अनिल गुप्ता तथा भाजपा शाहदरा जिला अध्यक्ष एवं ईस्ट दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन दीपक गाबा ने कहा कि उद्योगों के लिए अनावश्यक निरीक्षणों और जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कम करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल उद्योग जगत के लिए राहत देने वाली साबित होगी और उद्यमियों का विश्वास बढ़ाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के तहत नए उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के बाद सामान्य परिस्थितियों में तीन वर्षों तक नियमित निरीक्षण नहीं किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्यमियों को बार-बार होने वाली औपचारिकताओं से राहत मिलेगी और वे अपने व्यवसाय के विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने तथा रोजगार सृजन पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
उद्योग संगठनों का मानना है कि बिल में प्रस्तावित सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन अनुमोदन, सेल्फ सर्टिफिकेशन (Self Certification) और समयबद्ध सेवाओं जैसी व्यवस्थाएं व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाएंगी। इससे नए निवेशकों को भी दिल्ली में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
फ्रेंड्स कॉलोनी इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन, झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी सीईटीपी सोसायटी, पटपड़गंज एफआईई एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन, ईस्ट दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन तथा ट्रांस-यमुना के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत किया। उनका कहना है कि उद्योग जगत लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहा था, जिसमें ईमानदारी से काम करने वाले उद्यमियों को अनावश्यक निरीक्षणों और प्रशासनिक बाधाओं से राहत मिल सके।
उद्योग संगठनों ने कहा कि यदि इस विधेयक को प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाता है तो दिल्ली का औद्योगिक वातावरण पहले से अधिक निवेश-अनुकूल बनेगा। इससे नए उद्योग स्थापित होंगे, उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि ‘दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल-2026’ उद्योगों के लिए दूरदर्शी और सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सहयोग बढ़ने से दिल्ली देश की अग्रणी औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगी।
दीपक गाबा ने कहा कि यह विधेयक विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। इससे पूर्वी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी और निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
फ्रेंड्स कॉलोनी इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन के महासचिव विनीत जैन ने कहा कि उद्योग हितैषी फैसलों से विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे पूर्वी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों का समग्र विकास होगा और व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।
उद्योग जगत के हरीश गर्ग, दीपाराम चौधरी, राकेश बंसल, नरेंद्र छाबड़ा, संजय रस्तोगी और मनमोहन मेहरा सहित कई उद्यमियों ने भी इस विधेयक का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे दिल्ली में निवेश, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और व्यापारिक माहौल को नई दिशा मिलेगी।


