AIIMS Delhi: हर साल 4,100 हार्ट सर्जरी के बावजूद एम्स में मरीजों की लंबी वेटिंग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी चुनौती

AIIMS Delhi: हर साल 4,100 हार्ट सर्जरी के बावजूद एम्स में मरीजों की लंबी वेटिंग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी चुनौती
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स दिल्ली में हर वर्ष करीब 4,100 हार्ट सर्जरी होने के बावजूद मरीजों को समय पर ऑपरेशन नहीं मिल पा रहा है। हार्ट सर्जरी के लिए तीन से छह महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि गंभीर मामलों में यह अवधि इससे भी अधिक हो जाती है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, वरिष्ठ सर्जनों के समय से पहले संस्थान छोड़ने और मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से 2024 के बीच देश के 20 एम्स संस्थानों से 429 फैकल्टी सदस्यों ने इस्तीफा दिया, जिनमें अकेले एम्स दिल्ली से 52 फैकल्टी शामिल थे। सीटीवीएस विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार चौधरी ने 2024 में 27 वर्षों की सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। इसके अलावा कई वरिष्ठ प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष भी समय से पहले संस्थान छोड़ चुके हैं।
एम्स के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग के अनुसार वर्तमान में विभाग के पास नौ ऑपरेशन थिएटर हैं। सोमवार से शुक्रवार तक प्रत्येक ऑपरेशन थिएटर में प्रतिदिन दो हार्ट सर्जरी और शनिवार को एक-एक सर्जरी की जाती है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है।
पिछले कुछ महीनों में चार ऑपरेशन थिएटर और एक आईसीयू के रखरखाव कार्य के कारण अस्थायी रूप से बंद रहने से भी सर्जरी की क्षमता प्रभावित हुई। हालांकि विभाग ने उपलब्ध संसाधनों के साथ अधिकतम क्षमता में सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया।
मार्च 2026 में संसद की स्थायी समिति ने बताया था कि एम्स दिल्ली में स्वीकृत 1,306 फैकल्टी पदों में 452 पद खाली थे। जुलाई में 460 से अधिक नियुक्तियां होने के बावजूद सीटीवीएस जैसे उच्च विशेषज्ञता वाले विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अब भी बनी हुई है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती मरीजों को समय पर हार्ट सर्जरी उपलब्ध कराना है।




