GBU Student: सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो डालने वाला जीबीयू छात्र सुरक्षित मिला, प्रशासन में मचा हड़कंप

GBU Student: सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो डालने वाला जीबीयू छात्र सुरक्षित मिला, प्रशासन में मचा हड़कंप
नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र द्वारा सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो साझा किए जाने के बाद देर रात प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। वीडियो में छात्र ने इसे अपने जीवन का अंतिम वीडियो बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर प्रताड़ना और सुविधाएं न देने के आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में छात्र दिल्ली स्थित अपने घर पर सुरक्षित मिला।
सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक वीडियो
मूल रूप से प्रयागराज निवासी अक्षत त्रिपाठी ने करीब 2 मिनट 53 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में छात्र ने विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर, हॉस्टल वार्डन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कुछ सदस्यों पर प्रताड़ित करने और झूठे आरोप लगाने की बात कही।
छात्र ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में छात्रों से लाखों रुपये फीस ली जाती है, लेकिन हॉस्टल में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस
वीडियो वायरल होने के बाद देर रात पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार रात करीब 2 बजे वीडियो की जानकारी मिलने के बाद छात्र की तलाश शुरू की गई।
पुलिस टीमों ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए पता लगाया कि छात्र दिल्ली में अपने परिजनों के पास पहुंच चुका है। जांच में सामने आया कि छात्र ने अपने भाई से संपर्क कर ऑनलाइन टैक्सी के जरिए दिल्ली स्थित घर तक पहुंचने की व्यवस्था की थी।
संतोष कुमार ने बताया कि मामले में ईकोटेक-1 कोतवाली में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को बताया भ्रामक
विश्वविद्यालय प्रशासन ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है। प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वीडियो सामने आने के तुरंत बाद छात्र के परिजनों से संपर्क किया गया था।
विश्वविद्यालय के प्रभारी छात्र कल्याण विभाग के अनुसार छात्र की मां ने उसके सुरक्षित घर पहुंचने की पुष्टि की है। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई जानकारियां तथ्यों से परे हैं।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर छात्रों के मानसिक दबाव, हॉस्टल जीवन और शैक्षणिक संस्थानों में संवाद व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों की समस्याओं को समय रहते सुनना और उन्हें भावनात्मक सहयोग देना बेहद जरूरी है।


