Mango Safety Tips: आम खरीदते समय रहें सतर्क! चमकदार रंग के पीछे छिपा हो सकता है सेहत का खतरा

Mango Safety Tips: आम खरीदते समय रहें सतर्क! चमकदार रंग के पीछे छिपा हो सकता है सेहत का खतरा

नई दिल्ली, 11 जून। गर्मियों का मौसम आते ही आम की मांग बढ़ जाती है और बाजार रंग-बिरंगे आमों से भर जाते हैं। लेकिन हर चमकदार और पीला दिखाई देने वाला आम प्राकृतिक रूप से पका हो, यह जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए कुछ कारोबारी आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसिटिलीन गैस, जिसे आम बोलचाल में ‘मसाला’ कहा जाता है, फलों को कृत्रिम रूप से तेजी से पकाने का काम करती है। इससे फल बाहर से आकर्षक और पूरी तरह पके हुए दिखाई देते हैं, लेकिन उनका स्वाद, गुणवत्ता और पोषण मूल्य प्रभावित हो सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि आम खरीदते समय केवल उसके रंग और आकार को देखकर निर्णय न लें। फलों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है, ताकि स्वाद के साथ अनजाने में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम घर न पहुंचे। एम्स दिल्ली के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सौम्य जगन्नाथ महापात्र ने बताया कि व्यावसायिक रूप से उपयोग किए जाने वाले कैल्शियम कार्बाइड में अक्सर आर्सेनिक और फास्फोरस जैसी जहरीली अशुद्धियां पाई जाती हैं। इन रसायनों से पकाए गए फलों का लंबे समय तक सेवन करने से तंत्रिका तंत्र, श्वसन तंत्र और पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डॉ. महापात्र के अनुसार कृत्रिम रूप से पकाए गए फल शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे फलों के लगातार सेवन से सिरदर्द, चक्कर आना, पेट संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को फल खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए और प्राकृतिक रूप से पके फलों को प्राथमिकता देनी चाहिए। एफएसएसएआई का कहना है कि जागरूकता ही इस खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। यदि आम खरीदते समय कुछ सामान्य संकेतों पर ध्यान दिया जाए तो प्राकृतिक रूप से पके और रसायनों से पकाए गए आमों के बीच आसानी से अंतर किया जा सकता है।

 

केमिकल से पकाए गए आम की पहचान

• आम का रंग पूरी तरह एक समान और अत्यधिक चमकीला पीला दिखाई दे।

• फल में प्राकृतिक और मीठी खुशबू महसूस न हो।

• ऊपर से नरम लेकिन अंदर से सख्त महसूस हो।

• स्वाद फीका, कच्चा या असामान्य लगे।

• छिलके पर सफेद पाउडर जैसा पदार्थ या अवशेष दिखाई दे।

 

प्राकृतिक रूप से पके आम की पहचान

 

• आम पर हरे और पीले रंग के मिश्रित धब्बे दिखाई दें।

• डंठल के पास से प्राकृतिक और मीठी सुगंध आए।

• हल्का दबाने पर फल थोड़ा नरम महसूस हो।

• स्वाद रसीला, मीठा और प्राकृतिक हो।

• छिलके पर छोटे-छोटे काले धब्बे दिखाई दें, जो सामान्य और सुरक्षित होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी के माध्यम से उपभोक्ता न केवल बेहतर गुणवत्ता वाले आम खरीद सकते हैं, बल्कि अपने परिवार को रसायनों से होने वाले संभावित स्वास्थ्य खतरों से भी सुरक्षित रख सकते हैं।

Hot this week

Gorakhpur : गुरु गोरखनाथ का पूजन कर विजयादशमी शोभायात्रा निकालेंगे गोरक्षपीठाधीश्वर

Gorakhpur : विजयादशमी (दशहरा) का पावन पर्व गोरक्षपीठ की...

Varanasi : एयर शो के लिए संवर रही काशी, दीवारों पर उकेरी जा रही गंगा घाटों की छटा

Varanasi : प्रस्तावित एयर शो के मद्देनजर योगी सरकार...

Lucknow : योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर...

Topics

Lucknow : योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img