ESIC Relief: बेरोजगार बीमित कर्मचारियों को राहत, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना एक साल बढ़ी

ESIC Relief: बेरोजगार बीमित कर्मचारियों को राहत, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना एक साल बढ़ी
नई दिल्ली, 27 जुलाई। नौकरी गंवाने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के बीमित कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। अब पात्र बीमित कर्मचारियों को 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक योजना का लाभ मिल सकेगा। श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सोमवार को लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से यह जानकारी दी।
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत रोजगार छूट जाने की स्थिति में पात्र ईएसआईसी बीमित कर्मचारियों को निर्धारित अवधि के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बेरोजगारी के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि नई नौकरी मिलने तक उन्हें कुछ राहत मिल सके।
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें भी निर्धारित हैं। बीमित व्यक्ति का बेरोजगार होने से ठीक पहले कम से कम 12 महीने तक बीमा योग्य रोजगार में होना आवश्यक है। इसके अलावा पिछले 12 महीनों में एक पूर्ण अंशदान अवधि के दौरान कम से कम 78 दिनों का अंशदान किया होना चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाले पात्र बीमित कर्मचारी योजना के तहत सहायता के लिए दावा कर सकते हैं।
हालांकि, हर प्रकार की बेरोजगारी की स्थिति में योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी की नौकरी कदाचार, लॉकआउट, सेवानिवृत्ति यानी सुपरएनुएशन या ईएसआई अधिनियम, 1948 के तहत गलत बयान देने के मामले में दोषसिद्धि के कारण समाप्त हुई है, तो वह अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने का पात्र नहीं होगा।
सरकार ने योजना के तहत दावों के निपटारे की प्रक्रिया को भी डिजिटल और तेज बनाने के लिए कई व्यवस्थाएं लागू की हैं। ईएसआईसी की ओर से ऑनलाइन क्लेम जमा करने और उसकी प्रोसेसिंग की सुविधा दी गई है। इसके अलावा लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाता है। दावों की नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की गई है, जिससे पात्र कर्मचारियों को सहायता मिलने में अनावश्यक देरी न हो।
सरकार द्वारा लोकसभा में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में योजना के तहत 688 लाभार्थियों को कुल ₹1,01,87,728 की सहायता दी गई। वर्ष 2024-25 में 1,978 लाभार्थियों को ₹2,72,08,672 वितरित किए गए। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में 1,406 लाभार्थियों को कुल ₹1,52,20,915 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
योजना को 30 जून 2027 तक बढ़ाए जाने से ऐसे ईएसआईसी बीमित कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो रोजगार जाने के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऑनलाइन क्लेम और डीबीटी जैसी सुविधाओं के चलते योजना का लाभ पात्र कर्मचारियों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

