ढाका एयरपोर्ट तक आना छात्रों के लिए मुश्किल भरा

अमर सैनी

नोएडा। छुट्टियों में घर गए ग्रेनो के निजी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले बांग्लादेशी छात्रों को ढाका एयरपोर्ट पहुंचने के लिए छह दिन इंतजार करना पड़ा। वहां से ढाई घंटे की फ्लाइट लेकर वह दिल्ली पहुंचे। हिंसा के बीच ढाका एयरपोर्ट तक आना इन छात्रों के लिए मुश्किल भरा रहा। छात्रों ने बताया, जब वहां के हालात थोड़ा संभले तो वह वहां से निकल सके हैं।
ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग निजी विश्वविद्यालयों एक हजार से अधिक बांग्लादेशी छात्र पढ़ते हैं। इनमें सबसे अधिक बीटेक, बीबीए, बीफार्मा और एमबीए के छात्र हैं। कुछ छात्र मेडिकल के भी हैं। कुछ छात्र हिंसा भड़कने से पहले ही अपने घर गए थे। इसके बाद जब वहां के हालात बिगड़े तो वह फंस गए। परिजनों ने घर से जाने की इजाजत नहीं दी। कुछ दिनों तक सड़कों पर स्थिति ऐसी रही कि घर से ढाका एयरपोर्ट तक नहीं आ सके। हालात काबू में आने के बाद छात्र विस्तारा एयरलाइन की सेवाएं लेकर भारत आए हैं।

हालात ठीक हो जाते तो पहले निकल आते- जब भी एयरपोर्ट तक पहुंचने की कोशिश करते सड़कों पर हिंसा की खबरें मिलतीं। इसलिए रुकना पड़ता। – अर्नव धर, ढाका

 

– हिंसा के बाद कुछ बैंक देश छोड़ गए, कुछ ने लिमिट लगा दी। बिना पैसे के वहां से आना मुश्किल था। – मोलू लाल, ढाका

– हिंसा थमने का इंतजार था। अगर पहले हालात ठीक हो जाते तो वहां से पहले ही निकल आते। – स्वीकृति, माइमेनसिंह

– उस समय संचार सेवाएं भी बंद हो गई थीं। अब धीरे-धीरे बहाल हुई हैं। यहां आकर परिवार से वीडियो कॉल पर संपर्क में है। – तनु श्री मंडल, रंगपुर

– छात्रों को अपने परिवारवालों से संपर्क बनाए रखने के पूरे इंतजाम कराए जा रहे हैं। जिन छात्रों को देरी हुई है उन्हें कोर्स आदि को लेकर कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। – डॉ. अजीत कुमार, निदेशक, जनसंपर्क

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