नई दिल्ली, 22 सितम्बर : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को मोरक्को के रबात में जीवंत भारतीय समुदाय से बातचीत की। इस दौरान भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की।
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायराना हमले के बाद सशस्त्र बल पूरी तरह तैयार थे और उन्हें जवाबी कार्रवाई करने की पूरी आजादी दी गई थी। उन्होंने कहा, भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी। हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है। राजनाथ सिंह ने देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला दिया।
प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान,राजनाथ सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में भारत ने बहुआयामी प्रगति हासिल की है। वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। आज भारत, दुनिया की 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन, ज्ञान अर्थव्यवस्था में तेज प्रगति और स्टार्टअप्स की संख्या में एक दशक पहले के 18 यूनिकॉर्न से बढ़कर आज 118 तक पहुंच गए हैं। उन्होंने भारत के रक्षा उद्योग की उल्लेखनीय वृद्धि को रेखांकित किया, जिसने 1.5 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 100 से अधिक देशों को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का रक्षा निर्यात किया है।
राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी की सराहना की, जो दुनिया भर में भारतीय चरित्र की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के शब्दों को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संस्कृति में, चरित्र ही वास्तव में किसी व्यक्ति को परिभाषित करता है। प्रवासी भारतीयों ने भारत के बढ़ते वैश्विक कद पर गर्व व्यक्त किया, जो मजबूत आर्थिक नींव और बढ़ती सैन्य शक्ति पर आधारित है।





