Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Fertilizer Supply India: रेल मंत्रालय और उर्वरक विभाग के समन्वय से उर्वरक आपूर्ति में तेजी, किसानों को लाभ

Fertilizer supply India: रेल मंत्रालय और उर्वरक विभाग के समन्वय से उर्वरक आपूर्ति में तेजी, किसानों को लाभ

नई दिल्ली, 30 जनवरी: केंद्र सरकार ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को खरीफ और रबी दोनों सीजनों में समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हों। इसी दिशा में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग और रेल मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय का असर दिखाई दिया, जिसने खरीफ और रबी 2025 के दौरान उर्वरक आपूर्ति को तेज, सुचारु और संतोषजनक बनाने में अहम भूमिका निभाई।

इस संयुक्त प्रयास से देशभर में उर्वरक की आपूर्ति नियमित रूप से जारी रही और किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ा। जुलाई 2025 में औसतन 72 उर्वरक रेक प्रतिदिन लोड किए गए, जो अगस्त में बढ़कर 78 और सितंबर में 80 रेक प्रतिदिन तक पहुंचे। यह पिछले पांच वर्षों में खरीफ सत्र का सर्वोच्च स्तर है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कुल 530.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आपूर्ति हुई, जो पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई।

इस दौरान यूरिया की आवश्यकता से अधिक उपलब्धता सुनिश्चित की गई, वहीं डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस जैसे प्रमुख उर्वरकों की आपूर्ति भी मांग से अधिक रही। रेल मंत्रालय ने बंदरगाहों, राज्य सरकारों और उर्वरक कंपनियों के साथ सशक्त समन्वय, प्रभावी योजना और सतत निगरानी से यह उपलब्धि सुनिश्चित की।

सरकार का यह प्रयास देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और किसानों के विश्वास को बढ़ाने में निर्णायक रहा। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से किसानों को समय पर जरूरी उर्वरक मिलते रहेंगे और उत्पादन लागत नियंत्रित रहेगी, जिससे देश की कृषि उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता में भी इजाफा होगा।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें