AI Dental Advice: दांतों की चोट में AI की सलाह पड़ सकती है भारी, एम्स की समीक्षा में सटीकता सीमित
नई दिल्ली, 14 अगस्त। दांत टूटने या चोट लगने जैसी आपात स्थिति में डॉक्टर तक पहुंचने से पहले चैटजीपीटी और अन्य एआई चैटबॉट से सलाह लेना लोगों के बीच बढ़ रहा है। हालांकि, ऐसी सलाह पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की अगुवाई में की गई एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में सामने आया है कि ट्रॉमैटिक डेंटल इंजरी से जुड़े सवालों पर एआई चैटबॉट की सलाह की सटीकता सीमित रही।
अध्ययन में पिछले दो वर्षों में प्रकाशित 10 शोधों को शामिल किया गया और सात आधुनिक चैटबॉट का मूल्यांकन किया गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, अलग-अलग एआई मॉडल के प्रदर्शन में अंतर देखा गया। चैटजीपीटी-3.5 की संयुक्त सटीकता 65 प्रतिशत, चैटजीपीटी-4.0 की 79 प्रतिशत और जैमिनी की 70 प्रतिशत रही।
चैटजीपीटी-4.0 ने अन्य मूल्यांकित प्रणालियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि बेहतर प्रदर्शन को क्लीनिकल विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। किसी आपात चिकित्सा स्थिति में केवल चैटबॉट के जवाब के आधार पर उपचार का फैसला करना उचित नहीं है।
इस शोध का नेतृत्व एम्स दिल्ली के दंत चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर डॉ. नितेश तिवारी ने किया। डॉ. तिवारी फिलहाल स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में एक शोध परियोजना पर काम कर रहे हैं। शोध टीम में एम्स दिल्ली के मुगिलन रवि, डॉ. आमना किदवई और डॉ. एकता वाधवानी भी शामिल रहे। यह अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजना भारत, स्वीडन और ब्राजील के वैज्ञानिकों के सहयोग से पूरी की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, दांतों की चोट के मामलों में उपचार में देरी या गलत प्रबंधन से जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। कई बार लोग दांत की चोट को गंभीर नहीं मानते और डॉक्टर से संपर्क करने में देरी कर देते हैं। यदि इस दौरान एआई से मिली गलत या अधूरी जानकारी के आधार पर उपचार किया जाए, तो स्थिति और जटिल हो सकती है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि चैटबॉट की सटीकता सवाल के प्रकार और परिस्थिति के अनुसार काफी बदल सकती है। इसका मतलब है कि एक ही एआई प्रणाली अलग-अलग परिस्थितियों में अलग गुणवत्ता की सलाह दे सकती है। इसलिए किसी दंत आपात स्थिति में एआई को तत्काल चिकित्सा सहायता का विकल्प नहीं माना जा सकता।
विशेषज्ञों ने कहा कि एआई शुरुआती स्तर पर सामान्य जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है, लेकिन गंभीर दांतों की चोट या किसी आपात स्थिति में अंतिम निर्णय डेंटिस्ट की जांच और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही होना चाहिए। चोट लगने के बाद समय पर विशेषज्ञ से संपर्क करना उपचार की सफलता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
अध्ययन एआई आधारित स्वास्थ्य सलाह के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उसकी सीमाओं को समझने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। तकनीक उपयोगी सूचना उपलब्ध करा सकती है, लेकिन चिकित्सा निदान, शारीरिक जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहती है।



