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IGCAR Technology: तमिलनाडु में IGCAR की डीप-टेक तकनीकों का होगा व्यावसायीकरण, स्टार्टअप को मिलेगा सहयोग

IGCAR Technology: तमिलनाडु में IGCAR की डीप-टेक तकनीकों का होगा व्यावसायीकरण, स्टार्टअप को मिलेगा सहयोग

नई दिल्ली, 14 अगस्त। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में विकसित अत्याधुनिक डीप-टेक तकनीकों को व्यावसायिक उपयोग में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। एआईसी आईजीसीएआर फास्ट फाउंडेशन और तमिलनाडु सरकार के गाइडेंस तमिलनाडु के बीच इस उद्देश्य से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की मौजूदगी में हुए इस समझौते का उद्देश्य आईजीसीएआर की डीप-टेक तकनीकों को तमिलनाडु में व्यावसायिक उद्यमों और तकनीक आधारित कारोबार में बदलने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। इसके जरिए अनुसंधान से विकसित तकनीकों को उद्योग और बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

समझौते के तहत तकनीक हस्तांतरण, इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप और संभावित निवेशकों तथा उद्योगों से संपर्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे शोध आधारित तकनीकों को स्टार्टअप और औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

आईजीसीएआर से तकनीक हस्तांतरण लाइसेंस या इन्क्यूबेशन सहायता प्राप्त करने वाले स्टार्टअप तमिलनाडु में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें अपने कारोबार और तकनीकी समाधान को विस्तार देने के लिए आवश्यक औद्योगिक और निवेश संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की डीप-टेक तकनीकों को व्यावसायिक रूप देने में तकनीक हस्तांतरण और उद्योग के साथ सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शोध संस्थानों में विकसित कई तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने के लिए निवेश, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, औद्योगिक साझेदारी और इन्क्यूबेशन जैसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता होती है।

इस समझौते के जरिए तमिलनाडु में तकनीक आधारित स्टार्टअप के लिए एक ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां शोध और नवाचार को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ा जा सके। इससे उन्नत तकनीक पर आधारित नए उद्यमों के विकास और औद्योगिक विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

स्टार्टअप को तकनीक हस्तांतरण के साथ मेंटरशिप और निवेशकों से संपर्क की सुविधा मिलने से उन्हें अपने उत्पाद या तकनीकी समाधान को विकसित करने और बाजार में उतारने में मदद मिल सकती है। वहीं उद्योगों के लिए भी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी उन्नत तकनीकों तक पहुंच के नए रास्ते खुल सकते हैं।

तमिलनाडु पहले से ही औद्योगिक और तकनीकी गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। ऐसे में डीप-टेक तकनीकों के व्यावसायीकरण की यह पहल राज्य में अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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