Patna (मृत्युंजय) : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर लगी। राज्य के विकास, स्वच्छता, शिक्षा और ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं जिनका सीधा असर आम लोगों और युवाओं पर पड़ेगा। बैठक में लिए गए निर्णयों से सरकार का पूरा जोर रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नजर आ रहा है।
शहरों में लगेंगे सीबीजी प्लांट, कचरे से बनेगी ऊर्जा
बैठक का सबसे चर्चित फैसला नगर निकायों में कम्प्रेस्ड बायोगैस यानी सीबीजी प्लांट लगाने को लेकर है। अब शहरों में रोज निकलने वाले गीले और जैविक कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे शहरों में कचरे के निपटान की समस्या कम होगी और कचरे से निकलने वाली मीथेन जैसी हानिकारक गैस का उत्सर्जन घटेगा जिससे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण मिलेगा। सीबीजी प्लांट के संचालन, कचरा संग्रहण और रखरखाव से स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और आर्थिक अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही बायोगैस उत्पादन बढ़ने से पेट्रोल और डीजल जैसे आयातित ईंधन पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी। सरकार इसे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
युवाओं के लिए 430 करोड़ की मंजूरी, आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव
युवाओं को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने एआई, डिजिटल तकनीक और नई तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए 430 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना है। इसी के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई में नामांकन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब निजी आईटीआई की 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद यानी बीसीईसीईबी के माध्यम से कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और छात्रों को समान अवसर मिलेंगे।
उच्च शिक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े फैसले
उच्च शिक्षा के लिए सरकार ने 950 करोड़ रुपये के वित्तीय सहायता प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसका लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो आर्थिक कारणों से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते। साथ ही निजी बीएड कॉलेजों को अब डिग्री महाविद्यालय की पढ़ाई कराने की भी अनुमति दी गई है।
ऊर्जा के मोर्चे पर केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि मंजूर की गई है। इस योजना के तहत लोगों को सोलर के जरिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी में इंजीनियर के 221 नए पद भी सृजित किए गए हैं। राइट ऑफ वे से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते को भी मंजूरी दी गई है जो सड़क और बिजली लाइन जैसी परियोजनाओं के लिए जरूरी है। इसके अलावा ग्रीनफील्ड सैटेलाइट सिटी के लिए जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को भी हटा दिया गया है जिससे शहरी विस्तार और निवेश को गति मिलेगी।
आईएएस संजय कुमार की सेवा अवधि बढ़ी
प्रशासनिक स्तर पर कैबिनेट ने आईएएस अधिकारी संजय कुमार की सेवा अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी है। वे सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे और 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। अब उन्हें संविदा के आधार पर 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक फिर से नियुक्त किया गया है।
कुल मिलाकर इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले राज्य को स्वच्छ, तकनीकी रूप से सक्षम और ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं।



