Delhi Building Collapse: रोहिणी में 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरी, एक की मौत, कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका

Delhi Building Collapse: रोहिणी में 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरी, एक की मौत, कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब सेक्टर-16 के जी-4 पॉकेट स्थित एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के समय भवन के अंदर कई मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इमारत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि पांच से छह मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके कुछ ही सेकंड बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इमारत गिरने से आसपास धूल का घना गुबार फैल गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को सूचना दी। आसपास मौजूद लोगों ने भी शुरुआती स्तर पर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों के साथ विशेष रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने की हर संभव कोशिश की जा रही है। घटनास्थल पर कई एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए आसपास की सड़कों पर भी यातायात नियंत्रित किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घटनास्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत कुछ समय से निर्माणाधीन थी और उसमें लगातार काम चल रहा था। हादसे के वक्त बड़ी संख्या में मजदूर भवन के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद थे। अचानक इमारत गिरने से किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत जमींदोज हो गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितने लोग इसकी चपेट में आए हैं। साथ ही भवन गिरने के कारणों की भी विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





