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New Noida: जमीन अधिग्रहण के लिए मिले पांच लेखपाल, अगले महीने से 80 गांवों में प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद

New Noida: जमीन अधिग्रहण के लिए मिले पांच लेखपाल, अगले महीने से 80 गांवों में प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद

नोएडा। नए नोएडा शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। लंबे समय से अधिकारियों की कमी के कारण अटकी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने की संभावना है। नोएडा प्राधिकरण को जमीन अधिग्रहण कार्य के लिए पांच लेखपाल मिल गए हैं, जिनमें से एक ने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शेष लेखपाल भी अगले एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कर लेंगे, जिसके बाद अगले महीने से किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नया नोएडा परियोजना दादरी और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित की जानी है। यह परियोजना भविष्य की औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। प्राधिकरण ने करीब तीन महीने पहले किसानों के लिए मुआवजा दरें भी तय कर दी थीं, जिन्हें यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के बराबर रखा गया है। इसके बावजूद किसानों की सहमति प्राप्त करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए शासन से पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लेखपाल और तहसीलदार की मांग की जा रही थी। अब पांच लेखपालों की नियुक्ति से प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी तक कोई तहसीलदार नियुक्त नहीं किया गया है। नोएडा प्राधिकरण के पास भी स्थायी तहसीलदार नहीं होने के कारण कई राजस्व संबंधी कार्य लंबे समय से प्रभावित हैं।

अधिकारियों का कहना है कि लेखपालों की तैनाती के बाद किसानों के साथ बातचीत और सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों को परियोजना और मुआवजा नीति की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि प्रक्रिया को बिना विवाद के पूरा किया जा सके।

हालांकि इस परियोजना के सामने कई चुनौतियां भी हैं। किसानों का कहना है कि केवल यमुना प्राधिकरण के बराबर मुआवजा पर्याप्त नहीं है, क्योंकि यमुना प्राधिकरण किसानों को विकसित भूखंड का सात प्रतिशत हिस्सा भी देता है। ऐसे में नए नोएडा के लिए भी इसी तरह की सुविधाओं की मांग उठ सकती है। दूसरी ओर, प्रस्तावित क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण भी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते अवैध निर्माण पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

प्राधिकरण का मानना है कि सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी होने के बाद नया नोएडा परियोजना प्रदेश के सबसे बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल होगी और इससे रोजगार, उद्योग तथा बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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