Delhi Traffic Police: ‘ट्रैफिक पाठशाला’ से सड़क सुरक्षा का संदेश, नियम तोड़ने वालों को किया जा रहा जागरूक

Delhi Traffic Police: ‘ट्रैफिक पाठशाला’ से सड़क सुरक्षा का संदेश, नियम तोड़ने वालों को किया जा रहा जागरूक
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने “ट्रैफिक पाठशाला” अभियान शुरू किया है। इस पहल के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को केवल चालान करने तक सीमित न रहकर उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व से भी अवगत कराया जा रहा है। अभियान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पूर्वी रेंज के डीसीपी के. रमेश के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत नंद नगरी ट्रैफिक सर्किल में ट्रैफिक इंस्पेक्टर विकास पंवार की देखरेख में नियमित रूप से “ट्रैफिक पाठशाला” आयोजित की जा रही है। इसमें रेड लाइट जंप करने, रॉन्ग साइड वाहन चलाने, बिना हेलमेट दोपहिया चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को बुलाकर सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान चालकों को समझाया जाता है कि सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्हें सुरक्षित गति से वाहन चलाने, ट्रैफिक संकेतों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के अधिकारों और सुरक्षा का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। यदि सभी वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से “ट्रैफिक पाठशाला” के माध्यम से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर विकास पंवार ने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों के चालान काटना नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक बनाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करना भी है। उन्होंने कहा कि “ट्रैफिक पाठशाला” जनहित में शुरू की गई एक प्रभावी पहल है, जिसके सकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और कई वाहन चालक भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प भी ले रहे हैं।





