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Maintenance Charges: मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के विरोध में इको विलेज-1 के निवासियों का प्रदर्शन, पारदर्शिता की उठाई मांग

Maintenance Charges: मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के विरोध में इको विलेज-1 के निवासियों का प्रदर्शन, पारदर्शिता की उठाई मांग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इको विलेज-1 सोसाइटी में कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में निवासियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। रविवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने सोसाइटी परिसर में विरोध प्रदर्शन कर बढ़े हुए शुल्क को वापस लेने और मेंटेनेंस व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। निवासियों का कहना है कि वे पिछले छह सप्ताह से लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

प्रदर्शन कर रहे निवासियों का आरोप है कि 1 जून 2026 से कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क 2.36 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 3.25 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया गया। उनका कहना है कि शुल्क बढ़ाने से पहले न तो निवासियों से कोई राय ली गई और न ही सोसाइटी की आय-व्यय का वित्तीय विवरण साझा किया गया। ऐसे में बिना सहमति शुल्क बढ़ाना उचित नहीं है।

सोसाइटी निवासी संजय शर्मा ने बताया कि परिसर की कई मूलभूत सुविधाएं अभी भी संतोषजनक स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य सुविधाओं में सुधार की जरूरत है, जबकि दूसरी ओर निवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फैसिलिटी प्रबंधन को बिजली सहित अन्य स्रोतों से भी आय होती है, लेकिन उस आय का कोई पारदर्शी विवरण निवासियों के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है।

निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पहले भी कई बार प्रबंधन से बातचीत की, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सोसाइटी प्रबंधन बिना पर्याप्त जानकारी साझा किए बढ़ी हुई दरों से मेंटेनेंस शुल्क वसूल रहा है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी दावा किया कि उनकी शिकायत के बाद अदालत की ओर से गठित एपेक्स कमेटी ने कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा बढ़ी हुई दर के अनुसार शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे निवासियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

निवासियों ने मांग की है कि मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने से पहले सोसाइटी की आय और खर्च का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए तथा सभी निर्णय पारदर्शी तरीके से निवासियों की सहमति के बाद ही लागू किए जाएं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

वहीं, पूरे मामले को लेकर सोसाइटी के निवासियों की नजर अब संबंधित प्राधिकरण और प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

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