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Breast Cancer Treatment: ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में नई क्रांति: यूएई ने दुनिया की पहली ओरल ‘एटकामाह’ दवा को दी मंजूरी

Breast Cancer Treatment: ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में नई क्रांति: यूएई ने दुनिया की पहली ओरल ‘एटकामाह’ दवा को दी मंजूरी

नई दिल्ली/दुबई। ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने हार्मोन थेरेपी के प्रति प्रतिरोधी हो चुके उन्नत (एडवांस) और मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए नई ओरल दवा ‘एटकामाह’ (Atkamah) को मंजूरी प्रदान की है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दवा उन मरीजों के लिए एक नई उम्मीद बन सकती है, जिनमें पारंपरिक हार्मोन थेरेपी समय के साथ प्रभावहीन हो जाती है।

यूएई की एमिरेट्स ड्रग एस्टेब्लिशमेंट (EDE) द्वारा स्वीकृत इस दवा को वैश्विक बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है। यह दवा विशेष रूप से उन ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के लिए तैयार की गई है, जिनमें ईएसआर1 (ESR1) जीन म्यूटेशन विकसित हो जाता है। यह म्यूटेशन कैंसर कोशिकाओं को हार्मोन थेरेपी से बचने में मदद करता है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता कम हो जाती है और रोग तेजी से बढ़ने लगता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एटकामाह का सक्रिय घटक कैमिजेस्ट्रेंट (Camizestrant) है, जो अगली पीढ़ी की ओरल एस्ट्रोजन रिसेप्टर डिग्रेडर (SERD) दवा के रूप में कार्य करता है। यह कैंसर कोशिकाओं में मौजूद एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स को ब्लॉक करने के साथ-साथ उन्हें नष्ट भी कर देता है। इसके परिणामस्वरूप कैंसर कोशिकाओं को वृद्धि के लिए आवश्यक हार्मोनल संकेत मिलना बंद हो जाता है और रोग की प्रगति को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

चिकित्सकों का कहना है कि इस दवा को सीडीके4/6 इनहिबिटर (CDK4/6 Inhibitors) दवाओं के साथ संयोजन में उपयोग किया जाएगा, जिससे उपचार की प्रभावशीलता और अधिक बढ़ सकती है। यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिनके कैंसर ने पारंपरिक हार्मोन उपचार के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया है।

इस दवा की मंजूरी फेज-3 ‘सेरेना-6’ (SERENA-6) क्लीनिकल ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के आधार पर दी गई है। ट्रायल में पाया गया कि कैमिजेस्ट्रेंट आधारित उपचार लेने वाले मरीजों में रोग की प्रगति की गति धीमी हुई और उपचार के बेहतर परिणाम देखने को मिले। शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे मरीजों को लंबे समय तक रोग नियंत्रण और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। हर वर्ष लाखों महिलाएं इस बीमारी से प्रभावित होती हैं। ऐसे में लक्षित (टार्गेटेड) और आधुनिक उपचार विकल्पों का विकास कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, एटकामाह जैसी नई दवाएं न केवल उपचार के नए अवसर प्रदान करेंगी, बल्कि उन मरीजों को भी नई उम्मीद देंगी जिनके लिए मौजूदा उपचार विकल्प सीमित हो चुके हैं। आने वाले समय में इस दवा की उपलब्धता अन्य देशों में भी बढ़ने की संभावना है, जिससे वैश्विक स्तर पर ब्रेस्ट कैंसर उपचार को नई दिशा मिल सकती है।

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