Education Protest: दिल्ली में CBSE के खिलाफ NSUI का जोरदार प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान और पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग

Education Protest: दिल्ली में CBSE के खिलाफ NSUI का जोरदार प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान और पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग
रिपोर्ट: रवि डालमिया
राजधानी दिल्ली में आज सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी Central Board of Secondary Education के खिलाफ नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी National Students’ Union of India ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों और NSUI कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों, छात्रों की समस्याओं और CBSE की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और प्रधानमंत्री Narendra Modi के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित CBSE रीजनल ऑफिस के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता जमा होने लगे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर, पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की सुरक्षा और कथित छात्र विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग लिखी हुई थी। प्रदर्शन के दौरान “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “छात्र विरोधी नीतियां बंद करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगातार लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली, रिजल्ट प्रक्रिया और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं में कई कमियां मौजूद हैं, जिनका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी बनी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने CBSE कार्यालय का घेराव करने की भी कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित रखा। किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार खामियां सामने आ रही हैं और इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के अंत में NSUI कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर CBSE अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। संगठन की ओर से कहा गया कि छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दों पर सियासी बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।





