IVF Lab: निसंतान दंपतियों की गोद हरी करेगा सुचेता कृपलानी अस्पताल, ₹5 करोड़ से तैयार हो रही हाईटेक लैब

IVF Lab: निसंतान दंपतियों की गोद हरी करेगा सुचेता कृपलानी अस्पताल, ₹5 करोड़ से तैयार हो रही हाईटेक लैब

नई दिल्ली, 26 जुलाई। राजधानी के निसंतान दंपतियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) से संबद्ध श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल में अत्याधुनिक आईवीएफ लैब स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने ₹5 करोड़ का फंड जारी किया है। परियोजना के साथ अस्पताल में 13 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है।

अस्पताल की चिकित्सा निदेशक डॉ. हिमानी आहलुवालिया के मुताबिक आईवीएफ लैब को अक्टूबर तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। लैब शुरू होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर दंपतियों को निजी अस्पतालों की तुलना में कम खर्च में आधुनिक प्रजनन उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। निजी क्षेत्र में आईवीएफ के एक चक्र पर करीब ₹1.5 लाख से ₹3 लाख तक खर्च होने के कारण यह उपचार बड़ी संख्या में परिवारों के लिए महंगा साबित होता है।

सरकारी क्षेत्र में सीमित संसाधनों और विशेषज्ञों की कमी के कारण अत्याधुनिक आईवीएफ सुविधाएं अभी तक सीमित रही हैं। ऐसे में सुचेता कृपलानी अस्पताल में विकसित की जा रही नई लैब को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अस्पताल के ओपीडी भवन की पहली मंजिल पर तैयार हो रही इस लैब में भ्रूण संवर्धन, भ्रूण ग्रेडिंग, आईसीएसआई, विट्रीफिकेशन यानी भ्रूण और अंडाणु को फ्रीज करने की सुविधा के साथ अत्याधुनिक लैब मॉनिटरिंग सिस्टम उपलब्ध होगा।

परियोजना प्रभारी और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. पिकी सक्सेना के अनुसार आधुनिक तकनीक और समर्पित विशेषज्ञों की उपलब्धता से मरीजों को सुरक्षित, बेहतर और किफायती आईवीएफ सेवाएं मिल सकेंगी। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से हजारों दंपतियों को निजी क्षेत्र की तुलना में कम लागत पर उपचार मिल सकेगा।

इस परियोजना की खास बात यह है कि सरकारी क्षेत्र में पहली बार समर्पित एम्ब्रियोलॉजिस्ट और क्लीनिकल काउंसलर की स्थायी नियुक्ति की जाएगी। एम्ब्रियोलॉजिस्ट निषेचन से लेकर भ्रूण की गुणवत्ता की जांच, उसकी ग्रेडिंग और सुरक्षित संरक्षण तक लैब से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

वहीं क्लीनिकल काउंसलर निसंतानता की समस्या से जूझ रहे दंपतियों को उपचार के दौरान मानसिक सहयोग और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि अत्याधुनिक लैब, प्रशिक्षित विशेषज्ञों और काउंसलिंग की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध होने से उपचार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और मरीज-केंद्रित हो सकेगी।

Hot this week

Mathura : अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज- सीएम योगी

Mathura : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या...

Lucknow : शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे ‘एक पेड़ गुरु के नाम’

Lucknow : योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महायज्ञ-2026...

Topics

Mathura : अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज- सीएम योगी

Mathura : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img