Borewell Accident: ग्रेटर नोएडा में बोरवेल के गड्ढे में डूबकर छह साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट और तीन गिरफ्तार
Borewell Accident: ग्रेटर नोएडा में बोरवेल के गड्ढे में डूबकर छह साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट और तीन गिरफ्तार
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में बोरवेल के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बच्चे अव्यान सूर्या की मौत के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के बाद प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार की कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नॉलेज पार्क कोतवाली में तहरीर दी गई। मामले में लापरवाही के आरोप में प्राधिकरण के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। वहीं पुलिस ने ठेकेदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार कलाधाम सोसाइटी में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नलकूप निर्माण का काम करीब तीन दिन पहले शुरू हुआ था। आरोप है कि ठेकेदार ने काम शुरू करने की जानकारी जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी थी। नलकूप के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में बारिश और अन्य स्रोतों से पानी भर गया था। इसके बावजूद वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
शनिवार देर शाम कलाधाम सोसाइटी में रहने वाले केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव का छह वर्षीय बेटा अव्यान सूर्या खेलते समय गड्ढे के पास पहुंच गया। इसी दौरान वह पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। गड्ढा गहरा होने और उसमें पानी भरा होने के कारण बच्चा डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मासूम की मौत की सूचना मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा, सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए। प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा की ओर से नॉलेज पार्क कोतवाली में ठेकेदार की फर्म सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई। इसके अलावा तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित ठेकेदार मनोज जैन पुत्र अजीत प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इस तरह घटना के संबंध में अब तक तीन गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए और किस स्तर पर लापरवाही हुई।
घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ठेकेदार की कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। प्राधिकरण की कार्रवाई से स्पष्ट है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घटना की जांच महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह करेंगे। जांच के दौरान यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी की भी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण मामले में जिम्मेदारी तय करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा कर रहा है।
सीईओ ने सभी वर्क सर्किल को निर्देश दिया है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था के बिना किसी भी स्थान पर निर्माण कार्य शुरू किया गया तो संबंधित वर्क सर्किल के कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की ओर से अब निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।
छह साल के अव्यान की मौत ने कलाधाम सोसाइटी के लोगों को झकझोर दिया है। स्थानीय स्तर पर भी निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले की पुलिस जांच और प्राधिकरण की विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही लापरवाही की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ा रही है और प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।