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Greater Noida Farmers Protest: 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में किसान महापंचायत, आंदोलन की रणनीति हुई तैयार

Greater Noida Farmers Protest: 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में किसान महापंचायत, आंदोलन की रणनीति हुई तैयार

नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। किसान संघर्ष मोर्चा ने 17 जुलाई को प्रस्तावित किसान महापंचायत और आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर दनकौर कस्बे में किसान संघर्ष मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रणनीति, जनसंपर्क अभियान और विभिन्न जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया तथा सभी से आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।

यह बैठक किसान संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोरन प्रधान के आवास पर आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्रीकृष्ण बैंसला ने की। बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करनी होगी।

बैठक में विशेष रूप से 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और आबादी बैकलॉग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं का कहना था कि ये सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और संबंधित प्राधिकरणों को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका आरोप है कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना मजबूरी बन गया है।

किसान संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित महापंचायत पूरी तरह किसानों के अधिकारों और न्यायोचित मांगों को लेकर आयोजित की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के सभी किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों से अपील की कि वे 17 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएं। वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसानों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

बैठक के दौरान आंदोलन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाने, अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने और महापंचायत में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं ताकि आंदोलन को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित किया जा सके।

बैठक में चौधरी सोरन प्रधान, श्रीकृष्ण बैंसला, महेंद्र कसाना, देशराज नागर, पप्पे नागर, पंडित प्रमोद शर्मा, जेपी नागर, उमेद एडवोकेट, राकेश चौधरी, मोहनपाल, सचिन नागर, जीतन नागर गुड्डू और सौरभ शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे की रणनीति भी बनाई जाएगी।

 

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