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Sextortion Gang Busted: डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरोह बेनकाब, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

Sextortion Gang Busted: डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरोह बेनकाब, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

रिपोर्ट: रवि डालमिया

दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला साइबर थाना पुलिस ने डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर वीडियो कॉल पर ब्लैकमेल करने वाले एक बड़े सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के डीग इलाके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड और बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को डराकर पैसे वसूलने के लिए किया जाता था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के डीग क्षेत्र के गांव लहामकर निवासी 23 वर्षीय अरमान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से करीब 150 अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस को शक है कि इन वीडियो का इस्तेमाल देशभर के लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

मामले की जानकारी देते हुए राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 13 मई को एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर एक्सटॉर्शन की शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी पहचान पहले एक डेटिंग ऐप के जरिए कराई गई। कुछ समय बाद उसे एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आई। कॉल के दौरान पहले से रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाया गया और पीड़ित को भी अश्लील हरकत करने के लिए उकसाया गया। इसी दौरान उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।

इसके बाद आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से करीब एक लाख रुपये वसूल लिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी लगातार और रकम की मांग करते रहे। मानसिक रूप से परेशान होकर पीड़ित ने आखिरकार साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

मामले की जांच श्वेता शर्मा की टीम को सौंपी गई। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनकी जानकारी जुटाई गई। तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन राजस्थान के डीग इलाके में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह बीकॉम पास है और बेरोजगारी के चलते साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़ गया। आरोपी ने बताया कि उसके गांव और आसपास के कई युवक इसी तरह की साइबर वारदातों में शामिल हैं। गिरोह इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों की प्रोफाइल और तस्वीरें देखकर अपने शिकार चुनता था। इसके बाद लड़की बनकर दोस्ती की जाती थी और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए लोगों को जाल में फंसाया जाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर देशभर में कई लोगों को इसी तरह ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की उगाही की है। फिलहाल पुलिस बैंक खातों, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया और कितनी रकम की ठगी की।

साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल स्वीकार करने से बचें और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी घटना की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत करें।

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