ILBS Health Initiative: वर्ल्ड हेल्थ डे पर वॉकथॉन और नुक्कड़ नाटक से फैटी लिवर पर जागरूकता, जीवनशैली सुधार पर जोर
नई दिल्ली में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (ILBS) द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ‘स्वास्थ्य के लिए साथ, विज्ञान के साथ’ थीम के तहत संस्थान ने वॉकथॉन, नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
इस आयोजन की शुरुआत सुबह 9 बजे ILBS के फेज-2 एट्रियम से हुई, जहां फैकल्टी, स्टाफ और उनके परिवारों ने वॉकथॉन में हिस्सा लिया। यह वॉक भवानी कुंज से होते हुए सेक्टर D-1 और D-2 तक निकाली गई, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करना था।
ILBS के निदेशक डॉ. एसके सरीन ने इस अवसर पर कहा कि बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियां आज एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं, जिन्हें केवल जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाकर ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समुदाय की भागीदारी और विज्ञान आधारित दृष्टिकोण के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा, जिसका विषय ‘फैटी लिवर: नए जमाने की बीमारी’ था। इस नाटक में यह दिखाया गया कि कैसे लंबे समय तक बैठकर काम करना, जंक फूड का सेवन और मोटापा-डायबिटीज जैसी समस्याएं फैटी लिवर के प्रमुख कारण बन रही हैं।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि छोटे-छोटे बदलाव जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी को रोका ही नहीं बल्कि काफी हद तक उलटा भी किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में ILBS के विशेषज्ञों ने मरीजों और उनके परिजनों से संवाद किया और उन्हें सरल भाषा में स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह दी।
इस पहल को लोगों में लाइफस्टाइल डिजीज के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में फैटी लिवर जैसी बीमारियों को रोकने में मदद मिलेगी।



