Noida Crime: घरेलू सहायक ने सिम चुराकर खाते से उड़ाए 4.20 लाख रुपये

Noida Crime: घरेलू सहायक ने सिम चुराकर खाते से उड़ाए 4.20 लाख रुपये
नोएडा में घरेलू सहायक द्वारा अपने ही मालिक के साथ धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने बीमार मकान मालिक के सिम कार्ड को चोरी कर उसका दुरुपयोग करते हुए यूपीआई आईडी बनाई और धीरे-धीरे लाखों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस घटना ने घरेलू सहायकों पर भरोसे और डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सेक्टर-61 का है, जहां सुशीला भारद्वाज अपने पति नफे सिंह भारद्वाज के साथ रहती हैं। उनके पति सेवानिवृत्त हैं और लंबे समय से बीमार चल रहे हैं, जिसके कारण वह अपने दैनिक कार्य स्वयं नहीं कर पाते। उनकी देखभाल और घर के कामकाज के लिए सुशीला ने राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी शिवप्रसाद को घरेलू सहायक के रूप में रखा हुआ था।
बताया जा रहा है कि आरोपी घरेलू सहायक ने चुपचाप बीमार मकान मालिक का सिम कार्ड चोरी कर लिया और उसे अपने मोबाइल फोन में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने उसी नंबर के जरिए यूपीआई आईडी बनाई और बैंक खाते से पैसे निकालने की साजिश को अंजाम दिया। आरोपी ने एक बार में बड़ी रकम निकालने के बजाय अलग-अलग समय पर छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन कर कुल 4.20 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर लिए, जिससे लंबे समय तक किसी को शक न हो।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 20 मार्च को सुशीला भारद्वाज अपने पति की दवाई के लिए बैंक खाते की जांच करने गईं। खाते में रकम कम होने पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाई, जिसमें यूपीआई के जरिए लगातार पैसे निकाले जाने का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि 27 दिसंबर 2025 से 20 मार्च 2026 के बीच कुल 4.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा रकम आरोपी शिवप्रसाद के बैंक खाते में भेजी गई थी।
जब सुशीला ने इस बारे में घरेलू सहायक शिवप्रसाद से पूछताछ की, तो वह पहले बहाने बनाने लगा, लेकिन बाद में बिना किसी को बताए घर से फरार हो गया और साथ में सिम कार्ड भी ले गया। इस घटना से पीड़ित परिवार को गहरा झटका लगा है।
पीड़िता ने सेक्टर-58 थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर से यह दर्शाती है कि डिजिटल लेन-देन के दौर में सतर्कता बेहद जरूरी है। खासकर ऐसे मामलों में जहां किसी अन्य व्यक्ति को मोबाइल या सिम कार्ड तक पहुंच मिलती है, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक हो जाता है ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।





