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Noida Network Problem: डिजिटल इंडिया में ‘नो नेटवर्क जोन’ बनीं नोएडा की हाईराइज सोसाइटियां, सेक्टर-137 के लोग परेशान

Noida Network Problem: डिजिटल इंडिया में ‘नो नेटवर्क जोन’ बनीं नोएडा की हाईराइज सोसाइटियां, सेक्टर-137 के लोग परेशान

देश में जहां मोबाइल कंपनियां 5जी नेटवर्क को सुपरफास्ट इंटरनेट और बेहतर कनेक्टिविटी का दावा कर रही हैं, वहीं नोएडा की कई हाईराइज सोसाइटियों में यही 5जी नेटवर्क लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। खासकर सेक्टर-137 स्थित सोसाइटियों में रहने वाले लोग लंबे समय से कमजोर मोबाइल नेटवर्क, कॉल ड्रॉप और इंटरनेट बाधित होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार जरूरी कॉल बीच में कट जाती हैं या आवाज साफ सुनाई नहीं देती, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सेक्टर-137 स्थित एग्जोटिका फ्रेस्को सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि पिछले करीब छह महीनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या लगातार बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि फ्लैट के अंदर मोबाइल सिग्नल बेहद कमजोर रहते हैं, जिसके चलते न तो सही ढंग से कॉल हो पाती है और न ही इंटरनेट ठीक से चलता है। हाल ही में सोसाइटी में एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों ने एंबुलेंस को फोन लगाने की कोशिश की, लेकिन कमजोर नेटवर्क के कारण करीब आधे घंटे तक कॉल नहीं लग सकी। आखिरकार फ्लैट से बाहर खुले परिसर में आने के बाद कॉल कनेक्ट हुई और एंबुलेंस बुला पाई।

सोसाइटी में रहने वाले कई नौकरीपेशा और कारोबारी लोग भी इस समस्या से परेशान हैं। उनका कहना है कि ऑफिस मीटिंग, बिजनेस कॉल और जरूरी बातचीत के लिए उन्हें घर में वाई-फाई लगवाकर व्हाट्सएप कॉल का सहारा लेना पड़ता है। कई बार लोगों को सही नेटवर्क पाने के लिए फ्लैट से बाहर आना पड़ता है।

मोबाइल नेटवर्क के तकनीकी विशेषज्ञ लोकेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार 5जी नेटवर्क हाई-फ्रीक्वेंसी तकनीक पर काम करता है, जो तेज इंटरनेट स्पीड तो देता है लेकिन इसकी किरणें मोटी दीवारों और कंक्रीट को पार करने में 4जी के मुकाबले कमजोर पड़ जाती हैं। यही वजह है कि कई बार बाहर 5जी फुल सिग्नल दिखता है, लेकिन घर के अंदर नेटवर्क कमजोर हो जाता है। उन्होंने बताया कि कई बार एग्जाम सेंटरों में लगाए गए जैमर का असर भी आसपास करीब 500 मीटर तक पड़ता है, जिससे नेटवर्क प्रभावित हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नेटवर्क कंजेशन भी एक बड़ी वजह है। शादी समारोह, त्योहारों या ऐसे मौकों पर जब एक सीमित इलाके में हजारों लोग एक साथ वीडियो कॉल, ऑनलाइन गेमिंग या वीडियो स्ट्रीमिंग का इस्तेमाल करते हैं, तब मोबाइल टावर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इससे इंटरनेट स्पीड और कॉल क्वालिटी दोनों प्रभावित होती हैं। सेक्टर-137 के आसपास कई बड़ी आईटी कंपनियां मौजूद हैं, जहां पहले से ही नेटवर्क का लोड अधिक रहता है। इसका असर आसपास की रिहायशी सोसाइटियों पर भी पड़ रहा है।

एग्जोटिका फ्रेस्को सोसाइटी की एओए अध्यक्ष कविता कुमार राजेश ने कहा कि उन्हें लगातार निवासियों की शिकायतें मिल रही हैं। उनका कहना है कि कमजोर मोबाइल नेटवर्क के कारण कई जरूरी कॉल मिस हो जाती हैं और वह खुद भी इस समस्या से परेशान हैं।

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