Noida Cleanliness Drive: नोएडा में सफाई व्यवस्था की पोल खुली, गंदगी मिलने पर दो एजेंसियों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना

Noida Cleanliness Drive: नोएडा में सफाई व्यवस्था की पोल खुली, गंदगी मिलने पर दो एजेंसियों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना
नोएडा। शहर में सफाई व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ने कई सेक्टरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंदगी और लापरवाही मिलने पर दो सफाई एजेंसियों पर कुल डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों ने सेक्टर-94, सेक्टर-124, सेक्टर-125, सेक्टर-126, सेक्टर-127 और सेक्टर-128 समेत कई इलाकों में मुख्य नालों, नालियों और सड़कों की सफाई का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सेक्टर-126 स्थित डंपर बाजार के सामने सफाई व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। यहां कई स्थानों पर कूड़े के ढेर पड़े हुए थे और नालों तथा नालियों में सिल्ट जमा मिली।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि सुबह साढ़े दस बजे तक कई मुख्य मार्गों पर झाड़ू लगाने और मैकेनिकल सफाई का काम नहीं किया गया था। इसके कारण सड़कों पर सूखे पत्ते और कूड़ा फैला हुआ था। इसके अलावा सेक्टर-127 और सेक्टर-128 में फुटपाथों पर बड़ी मात्रा में जंगली घास उगी हुई मिली, जिससे पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही थी।
अधिकारियों ने बताया कि सड़कों और फुटपाथों की सफाई में लापरवाही बरतने के कारण मैसर्स न्यू मॉडर्न इंटरप्राइजेज पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं नालों और नालियों की सफाई में गंभीर लापरवाही मिलने पर मैसर्स वर्मा इंटरप्राइजेज पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों एजेंसियों को कड़ी चेतावनी भी दी गई है कि अगर भविष्य में काम में दोबारा गड़बड़ी पाई गई तो उनका अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि शहर को स्वच्छ रखना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। महाप्रबंधक ने वरिष्ठ प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करें और सिविल कार्यों के साथ-साथ सफाई व्यवस्था की भी निगरानी करें।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने Krishna Karunesh ने जनस्वास्थ्य विभाग को समाप्त करते हुए उसे सिविल विभाग में विलय कर दिया था। इसके बाद से सिविल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधकों को ही शहर में साफ-सफाई से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





