Himachal RDG issue: आरडीजी पर भाजपा से जवाब मांगते दिखे मुख्यमंत्री सुक्खू, सराहां में बड़ी घोषणाएं

Himachal RDG issue: आरडीजी पर भाजपा से जवाब मांगते दिखे मुख्यमंत्री सुक्खू, सराहां में बड़ी घोषणाएं
शिमला, 14 फरवरी 2026। सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाजपा से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि क्या वह प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) मिलने के पक्ष में है या नहीं। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोगों का अधिकार है और राज्य सरकार इस अधिकार की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पहले से दूध पर समर्थन मूल्य दे रही है और अब अदरक पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी और अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित की जाएगी। साथ ही सराहां में सीबीएसई स्कूल खोलने और सराहां-चंडीगढ़ सड़क मार्ग को डबललेन करने की घोषणा भी की।
प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई एस परमार को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए धारा 118 का प्रावधान किया था और वर्तमान सरकार भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा 77 वर्ष पुरानी राजस्व घाटा अनुदान व्यवस्था समाप्त करना प्रदेश के साथ अन्याय है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर इस अनुदान को बहाल कराएं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पांच वर्षों में मिले 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का सदुपयोग नहीं किया गया। यदि उस धनराशि का सही उपयोग होता तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये के भवन केवल मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए, जबकि वर्तमान सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है।
आपदा प्रभावितों के लिए राज्य सरकार द्वारा कानून में बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने अग्निवीर योजना और मनरेगा में बदलाव को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि गरीबों और युवाओं के दर्द को समझना ही वास्तविक व्यवस्था परिवर्तन है।
राज्य सरकार की सामाजिक योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 6,000 अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के रूप में अपनाया गया है और 27 वर्ष की आयु तक सरकार उनके माता-पिता की भूमिका निभाएगी। साथ ही विधवा महिलाओं के बच्चों को प्रदेश से बाहर शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान ऑपरेशन लोटस के माध्यम से सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया गया, लेकिन जनता ने कांग्रेस सरकार को 2027 तक चलाने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में भाजपा गुटों में बंटी नजर आई और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पहले अकेले वॉकआउट कर गए।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान समाप्त होने से प्रदेश को 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और प्रदेश हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
जनसभा में मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और विभिन्न विकास कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया।
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