
Delhi SC ST Development दिल्ली में एससी/एसटी बस्तियों को 85 करोड़ की सौगात, 146 परियोजनाओं को मंजूरी
नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरुवार को तिमारपुर के मलकागंज चौक पर आयोजित कार्यक्रम में एससी/एसटी बस्तियों के व्यापक विकास के लिए 85 करोड़ रुपये की 146 परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। इस दौरान 9 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और 64 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली केवल ऊंची इमारतों और चमकदार सड़कों से नहीं बनती, बल्कि उन बस्तियों से बनती है जहां मेहनतकश परिवार रहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी एससी/एसटी बस्तियों में अब बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जो धन ‘शीश महलों’ और भ्रष्टाचार में खर्च हो जाता था, वह अब सीधे जनता के कल्याण पर लगाया जा रहा है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, तिमारपुर के विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 4.12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 9 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसके अलावा 38.63 करोड़ रुपये की लागत वाली 64 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिन पर शीघ्र कार्य आरंभ होगा। इन योजनाओं में चौपालों का नवीनीकरण, सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, पार्कों का विकास, सीवर लाइन बिछाना, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, सामुदायिक केंद्रों का निर्माण और अन्य स्थानीय बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के 357 दिनों के कार्यकाल में ‘अटके, लटके और भटके’ पड़े कार्यों को प्राथमिकता देकर पूरा किया गया है। अब प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आरोग्य मंदिर, अटल कैंटीन, नए स्कूल, फ्लाईओवर और अस्पतालों का तेजी से विस्तार हो रहा है। मलकागंज, तिमारपुर और अन्य बस्तियों में वर्षों से खराब पड़ी गलियों, नालों और पार्कों के सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। पहले सीमित बजट और अधूरी योजनाओं के कारण लाभ पूरी तरह लोगों तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन इस वर्ष बजट को लगभग 65 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये किया गया है। बस्तियों में कम्युनिटी सेंटर, चौपाल, लाइब्रेरी, प्रशिक्षण केंद्र सहित 32 प्रकार के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि दलित, वंचित और पिछड़े वर्ग के परिवारों को सम्मानजनक जीवन और बेहतर अवसर मिल सकें।
योजना के तहत उन बस्तियों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां एससी/एसटी आबादी 33 प्रतिशत या उससे अधिक है। इन क्षेत्रों में सूक्ष्म स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिसमें सड़क निर्माण, पार्कों का विकास, सामुदायिक भवन, सीवर लाइन, ड्रेनेज सिस्टम, पुस्तकालय और डिस्पेंसरी जैसी सुविधाओं का निर्माण एवं सुधार शामिल है।
लोकार्पित परियोजनाओं में नजफगढ़ में जाटव समाज चौपाल का निर्माण और नवीनीकरण, विकासपुरी के बूढ़ेला गांव में वाल्मीकि चौपाल का जीर्णोद्धार, कोंडली के सपेरा बस्ती चौपाल का नवीनीकरण, मुंडका क्षेत्र में एससी/एसटी चौपाल का नवीनीकरण, नांगलोई फेज-2 में पार्कों का विकास और बाउंड्रीवाल निर्माण, विश्वास नगर में आरएमसी ड्रेन निर्माण, पटेल नगर में सामुदायिक भवन निर्माण तथा गोकुलपुरी में सीसी पेवमेंट और ड्रेनेज कार्य शामिल हैं।
इस व्यापक विकास पैकेज के साथ दिल्ली सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को प्राथमिकता देते हुए बस्तियों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा।





