
Sports Coaching यूनिफाइड राष्ट्रीय फ्रेमवर्क से स्पोर्ट्स कोचिंग इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
नई दिल्ली, 9 फरवरी। भारत में खेल कोचिंग व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत गठित टास्क फोर्स ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट युवा मामले और खेल मंत्रालय को सौंप दी है। रिपोर्ट में देशभर में कोच शिक्षा और मान्यता के लिए एक यूनिफाइड राष्ट्रीय फ्रेमवर्क लागू करने की सिफारिश की गई है, जिससे खेल कोचिंग के स्तर में समानता आएगी और खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
टास्क फोर्स ने कोचिंग पाठ्यक्रम के मानकीकरण, अभ्यास आधारित प्रशिक्षण मॉडल को बढ़ावा देने और नैतिकता, सुरक्षा तथा समावेशिता को कोचिंग व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोचों के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग व्यवस्था और निरंतर व्यावसायिक विकास यानी सीपीडी को लागू करना जरूरी है, ताकि कोच समय के साथ अपनी क्षमताओं और ज्ञान को अपडेट कर सकें। इसके साथ ही जमीनी स्तर से लेकर एलीट और राष्ट्रीय टीम स्तर तक एक संरचित और स्तरीय राष्ट्रीय कोचिंग पाथवे शुरू करने की सिफारिश की गई है, जिससे प्रतिभाशाली कोचों को आगे बढ़ने का स्पष्ट मार्ग मिल सके। रिपोर्ट में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और पूर्व एलीट खिलाड़ियों को कोचिंग से जोड़ने के लिए ब्रिज प्रोग्राम और पूर्व शिक्षा की मान्यता व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया गया है, ताकि अनुभवी लोगों की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग किया जा सके।
टास्क फोर्स ने एक राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी रखा है, जो कोच शिक्षा, मान्यता, लाइसेंसिंग और गुणवत्ता आश्वासन के लिए सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करेगा। इन सभी सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है और यह व्यवस्था तेलंगाना, मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगी। यह जानकारी युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी, जिसमें उन्होंने कहा कि यह पहल देश में एक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ खेल कोचिंग इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे




