राज्यउत्तर प्रदेश

Greater Noida Farmers: ग्रेटर नोएडा में लीजबैक के 854 मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज, 41 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ

Greater Noida Farmers: ग्रेटर नोएडा में लीजबैक के 854 मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज, 41 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आबादी की जमीन की लीजबैक का लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी राहत की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। प्राधिकरण ने 41 गांवों से जुड़े लीजबैक के 854 नए मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे किसान लाभान्वित होंगे, जिनकी जमीन अधिग्रहण के दौरान आबादी के दायरे में आ गई थी और जिनकी समस्याएं वर्षों से लंबित चल रही थीं।

जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसान छह फीसदी विकसित भूखंड, आबादी की लीजबैक, 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। किसानों के आंदोलन और उनकी समस्याओं को देखते हुए शासन स्तर पर इस मामले में संज्ञान लिया गया, जिसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर शुरू किया।

ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी के निर्देश पर अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसानों से जुड़े मामलों में देरी न हो और तय प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए। इसी क्रम में प्राधिकरण द्वारा गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों की सुनवाई पहले ही पूरी कर ली गई है। अब इन मामलों पर निर्णय के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।

प्राधिकरण के ओएसडी गिरीश कुमार झा ने बताया कि 41 गांवों के आबादी लीजबैक से जुड़े 854 नए मामलों की सुनवाई और निस्तारण को लेकर मंगलवार 10 फरवरी को महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 के शासनादेश से जुड़े कुल 1451 लीजबैक मामलों को शासन द्वारा सही ठहराए जाने के बाद अब तक 400 से अधिक किसानों के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। शेष मामलों को भी चरणबद्ध तरीके से निपटाया जा रहा है।

आबादी की लीजबैक का अर्थ उन जमीनों से है, जो गांवों के आसपास स्थित हैं और जिन पर किसानों का यह दावा होता है कि वह उनकी आबादी की जमीन है, जहां पहले से मकान या अन्य निर्माण मौजूद हैं। ऐसी जमीनों का जब प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहण कर लिया जाता है, तो किसान मुआवजा राशि वापस जमा कराकर अपनी जमीन को दोबारा अपने नाम दर्ज करा सकते हैं। लगभग हर गांव में इस तरह के कई मामले मौजूद हैं, जिनका निस्तारण वर्षों से लंबित रहा है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि आबादी की लीजबैक, छह फीसदी विकसित भूखंडों का आवंटन, शिफ्टिंग और अन्य संबंधित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। लीजबैक के 854 नए मामलों को जल्द निस्तारित करने की पूरी तैयारी की जा चुकी है, जिससे किसानों को राहत मिल सके और लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान हो सके।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

Related Articles

Back to top button