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Noida Dog Shelter: नोएडा में दो आधुनिक डॉग शेल्टर बनेंगे, 2 हजार आवारा कुत्तों की होगी देखभाल

Noida Dog Shelter: नोएडा में दो आधुनिक डॉग शेल्टर बनेंगे, 2 हजार आवारा कुत्तों की होगी देखभाल

नोएडा प्राधिकरण शहर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को व्यवस्थित और मानवीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्राधिकरण सेक्टर-123 में दो अत्याधुनिक डॉग शेल्टर विकसित करेगा, जहां कुल 2,000 बीमार, आक्रामक और रैबीज संक्रमित कुत्तों की देखभाल की जाएगी। प्रत्येक शेल्टर लगभग एक एकड़ (करीब 9,000 वर्गमीटर) क्षेत्र में बनाया जाएगा। यहां पशु चिकित्सकों की टीम, उपचार कक्ष, भोजन व्यवस्था और सुरक्षित आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी ताकि कुत्तों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और देखभाल मिल सके।

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 22 अगस्त 2025 के आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें सभी नगर निकायों को निर्देश दिया गया था कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें वापस उनके क्षेत्र में छोड़ा जाए। हालांकि रैबीज से संक्रमित या आक्रामक कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़कर स्थायी रूप से शेल्टर में रखा जाएगा।

वर्तमान में नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-94 में एक शेल्टर संचालित कर रहा है, जहां करीब 1,000 कुत्तों की देखभाल की जा रही है। यहां प्रतिदिन लगभग 50 कुत्तों की नसबंदी की जाती है। ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि शेल्टर में डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से बीमार और संक्रमित कुत्तों का उपचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नए शेल्टर के बनने से कुत्तों की देखभाल और भी बेहतर और व्यवस्थित हो जाएगी।

इसके साथ ही प्राधिकरण शहरभर में 1,200 निर्धारित डॉग फीडिंग पॉइंट्स बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है। इन बिंदुओं को आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों के सहयोग से तय किया जाएगा ताकि डॉग फीडिंग को नियंत्रित और व्यवस्थित किया जा सके। 2.5 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य शहर में कुत्तों के भोजन से जुड़ी अव्यवस्था और निवासियों तथा डॉग फीडर्स के बीच होने वाले विवादों को खत्म करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब केवल निर्धारित स्थलों पर ही कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति होगी, अन्यथा कार्रवाई की जा सकती है।

नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 0120-2425025 भी जारी किया है। जल्द ही 24 घंटे की टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी ताकि डॉग बाइट, घायल कुत्ते या किसी अन्य शिकायत से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके। इसके अलावा शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और उनकी स्थिति का डेटा जुटाने के लिए एक सर्वे भी शुरू किया गया है, जिसमें आरडब्ल्यूए, एओए और एनजीओ सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। इस सर्वे में नसबंदी, टीकाकरण और आक्रामक कुत्तों की संख्या व तस्वीरें दर्ज की जाएंगी।

नोएडा प्राधिकरण का यह कदम न केवल पशु कल्याण की दिशा में एक अहम पहल है बल्कि शहर में मानव और पशु के बीच संतुलन और सहअस्तित्व की भावना को भी मजबूत करेगा। उम्मीद है कि इन शेल्टरों के बनने से नोएडा में डॉग मेनेजमेंट की व्यवस्था अधिक प्रभावी और संवेदनशील होगी।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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